नोटबंदी पर दिया गया एक और तर्क हुआ फेल, आयकर रिटर्न फाइल करने वालों की संख्या में जबरदस्त गिरावट,

नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का दावा था कि इससे टैक्स बेस में इजाफा हुआ है लेकिन ताजा आंकड़ों की माने तो इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइल करने वालों की संख्या में 2018-19 में बड़ी गिरावट आयी है. यह गिरावट 6.6 लाख से अधिक है. 2017-18 में यह 6.74 करोड़ थी जो 6.68 करोड़ हो गई है.

द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के अनुसार 2015- 16, 2016-17 और 2017-18 में हर साल औसतन 25% ई-फाइलिंग बढ़ रही थी.विश्लेषण एजेंसी कोटक इकोनॉमिक रिसर्च ने अपनी अप्रैल की रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 19 में टैक्स फाइलिंग में आश्चर्यजनक रूप से गिरावट आई है. यह आश्चर्य की बात है कि नोटबंदी के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि कर आधार में वृद्धि जारी रहेगी.”

नोटबंदी के बाद सरकार ने यह तर्क दिया था कि इसका मकसद कर आधार में वृद्धि करना भी था लेकिन अब यह संख्या लगातार गिर रही है. 31 मार्च 2019 तक पंजीकृत फाइलरों की संख्या 15% बढ़कर 8.45 करोड़ हो गई थी. 2017 में पंजीकृत फाइलर्स की संख्या 6.2 करोड़ थी.

2016-17 में ई-फाइलिंग की संख्या 5.28 करोड़ थी. रिपोर्ट में कहा गया है अगर अनुपालन कमजोर रहा है तो नई सरकार वित्त वर्ष 2015 में फाइलिंग और कलेक्शन बढ़ाने का लक्ष्य रखेगी.