ATM ट्रांजेक्शन फेल होने पर अब बैंक देगी ग्राहकों को जुर्माना

लोगों को एटीएम से पैसे निकालते वक्त अक्सर ये शिकायत होती है कि उनके खाते में बैलेंस होने के बावजूद पैसा नहीं निकलता. इस तरह की शिकायतें बैंकों को अक्सर मिलती रहती है. पिछले साल ही एसबीआई के बैंकिंग लोकपाल को करीब 16 हजार ऐसी शिकायतें मिलीं. बता दें कि इसी तरह की शिकायतों को देखते हुए आरबीआई ने 1 जुलाई, 2011 को एक नियम बनाया था. जिसके तहत बैंकों को हर्जाने के तौर पर रोजाना 100 रुपये का जुर्माना देना होगा. लेकिन ज्यादातर लोगों को इस नियम की जानकारी तक नहीं है.

आरबीआई के इस नियम के तहत अगर एटीएम से किसी वजह से पैसा नहीं निकलता साथ ही खाते के पैसा डेबिट होने का मैसेज मिलता है तब ऐसी स्थिति में ग्राहक अपने बैंक में इसकी शिकायत कर सकते हैं. जो तीस दिन के अंदर की जा सकती है. साथ ही बैंक को एक हफ्ते के अंदर पैसा वापस खाते में क्रेडिट करना होगा. अगर बैंक एक हफ्ते के अंदर पैसा वापस नहीं करता तो प्रतिदिन 100 रुपये के हिसाब ग्राहक को जुर्माना देना होगा.

बता दें कि आरबीआई का यह नियम सभी तरह के एटीएम पर लागू है. इसमें बैंक के एटीएम, अन्य बैंकों के एटीएम और व्हाईट लेबल एटीएम शामिल हैं. आरबीआई के नियमानुसार समय से शिकायत का निपटान न होने पर ग्राहक बैंक का जवाब पाने से 30 दिनों के अंदर बैंकिंग लोकपाल में इस मामले की शिकायत कर सकता है. बैंकों को नियमों के तहत एटीएम में शिकायत के लिए अधिकारी का नाम और फोन नंबर बताना होगा. इसके अलावा बैंकों को टोलफ्री या हेल्प डेस्क नंबर भी डिस्पले करना होगा.