दुनिया को बेवकूफ बनाने के चक्कर में खुद उल्लू बना पाकिस्तान, खोद डाला समंदर नहीं मिला खजाना,

पाकिस्तान एक विशालकाय तेल के खजाने की बात कहकर समंदर खोद रहा है लेकिन अब इससे उसे कुछ हासिल होता नजर नहीं आ रहा है. कराची के समुद्री तटों पर केकरा-1 क्षेत्र में अब खुदाई बिल्कुल आखिरी दौर में है. पाकिस्तान यहां एशिया के सबसे बड़े तेल और गैस भंडार की चाह में खुदाई कर रहा था. लेकिन अब पाकिस्तान को कुछ हासिल होता नजर आ रहा. लेकिन पाकिस्तान के अधिकारी अब भी अपनी जनता के साथ-साथ दुनिया को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

पाकिस्तान की तेल और गैस कंपनी, अमेरिका की तेल और गैस कंपनी एक्सॉन मोबिल के साथ और इटली की ईएनआई के साथ मिलकर केकरा-1 ब्लॉक में खुदाई कर रही है. यह खुदाई समंदर में पानी के अंदर 5660 मीटर होनी थी. फिलहाल यह खुदाई 4810 मीटर तक की हो चुकी है. लेकिन पाकिस्तान को इसमें कुछ हाथ लगता नजर नहीं आ रहा है.

पाकिस्तान के अधिकारियों ने कहा था कि खुदाई के अंतिम चरण तक तेल और गैस भंडार के अकूत भंडार मिल जाएंगे लेकिन अभी तक ऐसी कोई सफलता हाथ नहीं लगी है. गौरतलब है कि पाकिस्तान के पूर्व गृहमंत्री चौधरी निसार अली खान ने इमरान सरकार की इस कार्रवाई के दावे पर सवाल खड़े किए थे. निसार अली खान ने कहा था कि इमरान खान को अरब सागर के तेल भंडारों के बारे में गलत जानकारी दी गई.

बता दें कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने मार्च में दावा किया था कि जल्द ही देश के लिए एक अच्छी खबर साझा करेंगे. उन्होंने अपने देश के लोगों से अपील की थी कि वे दुआ करें कि तेल भंडार को लेकर उनकी सारी उम्मीदें सच साबित हों. इमरान खान ने कहा था कि खुदाई कर रहीं कंपनियों से मिले संकेत के मुताबिक, मजबूत संभावना है कि हम अपने पानी में बड़ा तेल भंडार खोज लेंगे. इमरान खान ने कहा था कि अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान दुनिया में एक अलग कतार में आकर खड़ा हो जाएगा.

पाकिस्तान के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के पूर्व विशेष सचिव जीए साबरी ने बताया कि केकरा-1 की खुदाई से पहले तेल की संभावना लगभग 19 फीसदी थी, लेकिन अब जबकि दोनों तरफ की खुदाई काफी हो चुकी है तो इसके बाद यह संभावना और भी घट गई है. हालांकि, इमरान खान सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारी नदीम बाबर ने कहा कि केकरा-1 में ऊर्जा भंडार मिलने की उम्मीद अभी बरकरार है.

 
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