सरकारी अस्पताल में बिजली जाने के बाद पांच मरीजों की मौत,


तमिलनाडु के मदुरै पुलिस ने बुधवार को कहा कि बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी से सरकारी राजाजी अस्पताल में तौर पर पांच मरीजों की जान चली गई है.

हालांकि अस्पताल की डीन वनिता का कहना है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. डीन ने कहा कि यह एक बड़ा संयोग था कि उस समय बिजली की आपूर्ति बाधित थी.

दूसरी ओर मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि वेंटिलेटर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं. निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) डॉ. ए एडविन जो ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वेंटिलेटर ठीक थे क्योंकि इनमें बैटरी निर्मित थी.

मरने वाले पांच लोगों में मल्लिगा (58), पलानीमल (60) और रविंद्रन (52) थे. इसके घटना के बाद मरीजों के रिश्तेदारों धरना शुरू कर दिया है. पुलिस उपायुक्त सासिमोहन, डीन वनिता और चिकित्सा अधीक्षक राजा ने शोक संतप्त परिवारों के साथ बातचीत की है.मृतकों के परिजनों का कहना है कि मरीजों की मौत अक्सीजन की कमी से हुई हुई है.

इससे पहले चेन्नई के मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स एंड ट्रॉमेटोलॉजी अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर 18 रोगियों की दिसंबर 2015 में शहर में बाढ़ के दौरान मृत्यु हो गई थी. मौतें बिजली की विफलता और ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी का परिणाम थीं.

hi_INHindi
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