Air India की इस गलती से करोड़पति बन गया नाइजीरिया का एक शख्स,

एयर इंडिया इनदिनों घाटे से गुजर रही है इसी बीच इस भारतीय एयरलाइंस को एक बड़ा झटका लगा है. 

जो खुद उसके कर्मचारियों की गलती से हुआ. दरअसल, एयर इंडिया को विमानों के कलपुर्जे खरीदने के लिए अमेरिका की एक कंपनी को करीब 30 हजार डॉलर करीब 2 करोड़ रुपये रुपये भेजने थे. लेकिन एयर इंडिया से कंपनी को ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त एक बड़ी गलती हो गई.

ो खुद उसके कर्मचारियों की गलती से हुआ. दरअसल, एयर इंडिया को विमानों के कलपुर्जे खरीदने के लिए अमेरिका की एक कंपनी को करीब 30 हजार डॉलर करीब 2 करोड़ रुपये रुपये भेजने थे. लेकिन एयर इंडिया से कंपनी को ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त एक बड़ी गलती हो गई.

एयर इंडिया इनदिनों घाटे से गुजर रही है इसी बीच इस भारतीय एयरलाइंस को एक बड़ा झटका लगा है. जो खुद उसके कर्मचारियों की गलती से हुआ. दरअसल, एयर इंडिया को विमानों के कलपुर्जे खरीदने के लिए अमेरिका की एक कंपनी को करीब 30 हजार डॉलर करीब 2 करोड़ रुपये रुपये भेजने थे. लेकिन एयर इंडिया से कंपनी को ऑनलाइन पेमेंट करते वक्त एक बड़ी गलती हो गई.

एयर इंडिया ने कंपनी की बजाय इस रकम को नाइजीरिया के किसी शख्स के खाते में ट्रांसफर कर दिया. उसके बाद इस मामले को दबा दिया गया. एयर इंडिया से ये गड़बड़ी साल 2017 में हुई थी. अब जाकर इस मामले के बारे में पता चला तो एयर इंडिया ने इसकी जांच के आदेश दिए हैं.

एयर इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही एयर इंडिया के चेयरमैन अश्विनी लोहानी को इस मामले की जानकारी मिली. उसके बाद उन्होंने कंपनी के वित्त विभाग को इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जिससे इस मामले की जिम्मेदारी निर्धारित की जा सके. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह गड़बड़ी लगभग डेढ़ साल पहले वॉशिंगटन में हुई थी.

एयर इंडिया को विमानों के कलपुर्जे खरीदने के लिए करीब 30 हजार डॉलर एक कंपनी को ट्रांसफर करने थे, लेकिन एयर इंडिया के अधिकारियों ने इस रकम को अमेरिका की उस कंपनी की बजाय नाइजीरिया की किसी शख्स के अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया. एयर इंडिया के अधिकारियों का कहना है कि ये गड़बड़ी अक्टूबर 2017 में हुई थी.

जिसका पता उसी साल दिसंबर में चल गया जिसकी वॉशिंगटन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी. लेकिन इस रकम के बारे में अभी तक कुछ पता नहीं चला. एयर इंडिया के सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा भारतीय मुद्रा के मुताबिक यह रकम दो करोड़ रुपये बनती है. साथ ही इस मामले में वॉशिंगटन में रिपोर्ट दर्ज कराने बाद कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया गया. साथ ही एयर इंडिया को भी इस रकम के बारे में कुछ पता नहीं है.