आतिशी पर्चा विवाद : अख़बार विक्रेता बोला- पर्चे बांटने के लिए पैसे दिए गए थे

AAP की पूर्वी दिल्ली की उम्मीदवार आतिशी के बारे में अपमानजनक दावे वाले एक पर्चे को बांटने के मामले में AAP और BJP आमने-सामने हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट की माने तो अख़बार विक्रेता ने बताया है कि उन्हें ये पर्चे बांटने के लिए 300 रुपये दिए गए थे. ये पर्चे योजना विहार और सरिता विहार में वितरित अखबारों के अंदर डाले गए थे. आतिशी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर इन पैम्फलेट के पीछे हैं.

क्रिकेटर से राजनेता बने गौतम गंभीर ने इस आरोप का खंडन किया और कहा था कि अगर यह दावा कोई साबित कर दें तो वह फांसी लगा लेंगे. हालांकि पूर्वी दिल्ली के योजना विहार क्षेत्र के एक समाचार पत्र विक्रेता ने अपनी पहचान बताने से इंकार कर दिया. उसने कहा “मुझे गुरुवार सुबह 300 पर्चे दिए गए और उन्हें अख़बारों के अंदर रखने को कहा गया. मेरे कर्मचारियों ने उन्हें ए और सी ब्लॉक, योजना विहार, और सविता विहार के कुछ घरों में वितरित किया.” उसने बताया कि उसे 100 पर्चों के लिए 15 रूपये प्रति के हिसाब से पैसे दिए गए.

जब समाचार पत्र विक्रेता संघ के महासचिव रमाकांत से संपर्क किया गया तो उन्होंने समाचार पत्रों के विक्रेताओं को पर्चे देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा “ये पर्चे हमारे कर्मचारियों द्वारा वितरित नहीं किए गए थे. हमने सभी पर्चे की सामग्री पढ़ी और हमने इन्हें नहीं दिया. रिपोर्ट के अनुसार

आईपी एक्सटेंशन में हिमवर्षा अपार्टमेंट की निवासी और एक सेवानिवृत्त सूचना सेवा अधिकारी शांता बालकृष्णन ने कहा “मुझे हर सुबह मिलने वाले तीन अखबारों के साथ-साथ पैम्फलेट भी मिला. इस बीच पूर्वी दिल्ली रिटर्निंग ऑफिसर ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.