शेन वॉटसन ही नहीं, यह 5 खिलाड़ी भी चोटिल होने के बावजूद आखिरी तक खेलते रहे,

मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सपुर किंग्स को आईपीएल के फाइनल मुकाबले में १ रन से हराकर आईपीएल का खिताब अपने नाम किया.

इस मैच के बाद चेन्नई सुपर किंग्स के गेंदबाज हरभजन सिंह ने एक चौकाने वाला खुलासा करते हुए कहा था कि चेन्नई के बल्लेबाज शेन वॉटसन चोटिल होने के बावजूद क्रीज पर डटे रहे और अंत तक चेन्नई को मैच जीतने का प्रयाक करते रहे.

शेन वॉटसन ने इस मैच में 80 रनों की पारी खेली थी और मैच को आखिरी तक लेकर गए थे. आखिरी ओवर में वो रन आउट हो गए और जिसका खामियाजा चेन्नई को चुकाना पड़ा और टीम मैच हार गई. वहीं चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी करने के कारण इस खिलाड़ी की अब काफी प्रशंसा हो रही है. 

मैदान पर घायल होने के बाद भी अपनी टीम को जीत दिलाने के लिए मैदान पर डटे रहने के और भी वाक्यें हुए है. साल 2009 में दक्षिण अफ्रीका की टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी. तब दोनों से बीच सीजन का फाइनल टेस्ट मैच सिडनी में खेला जा रहा था.

इस मैच में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ग्रीम स्मिथ जब 30 रन बनाकर खेल रहे थे उसी दौरान वो मिचेल जॉनसन की एक गेंद पर वह बुरी तरह घायल हो गए. इसके बाद वो रिटायर्ट हर्ट होकर पवेलियन चले गए.

लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज एक के बाद एक करके आउट होते चले गए और टीम मुश्किल में आ गई. इसके बाद स्मिथ वापस आए और उन्होंने अंत तक बल्लेबाजी की लेकिन टीम को हार से नहीं बचा पाए.  दक्षिण अफ्रीका यह मैच 102 रनों से हार गया था.

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वहब रियाज श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी के दौरान दुश्मंता चमीरा की गेंद पर गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने टीम के लिए 6 रनों का योगदान दिया था साथ ही 11 ओवर गेंदबाजी भी की थी.

मैदान पर दिलेरी दिखाने के मामसे में कोई भारतीय खिलाड़ी अनिल कुंबले को कैसे भूल सकता है. साल 2002 में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए मुकाबले में मार्विन डिल्लन की गेंद पर कुंबले अपना जबड़ा तुड़वा बैठे थे. लेकिन इसके बाद भी मैच में 14 ओवर गेंदबाजी की थी जिसमें 5 मेडेन ओवर फेंके थे और ब्रायन लारा का महत्वपूर्ण विकेट  भी हासिल किया था.

साल 2003 में दक्षिण अफ्रीका की टीम पाकिस्तान के दौरे पर गई थी. इस दौरान एक मैच में साल 2011 में भारतीय टीम को विश्व विजेता बनाने वाले गैरी कर्स्टन ‘रावलपिंडी एक्सप्रेस’ की एक गेंद पर चोटिल हो गए थे. उनकी नाम टूट गई थी. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अंत तक बल्लेबाजी की लेकिन टीम को जीत नहीं दिला पाए.

साल 1982 में वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर मालकॉम मार्शल का इंग्लैंड केखिलाख खेले गए एक मैच के दौरान हाथ टूट गया था जिसके बाद उन्होंने एक हाथ से बल्लेबाजी की थी.