16 मई 2014: आज के दिन देश में आई थी मोदी नाम की सुनामी, ढह गई थीं कांग्रेस समेत सारी पार्टियां,

16 मई 2014, ऐसा दिन जब चुनाव के सारे समीकरण धराशायी हो गए थे. जब देश में मोदी नाम की सुनामी आई थी और देश की बड़ी से बड़ी पार्टियों का किला ढह गया था.

साल 2014 के चुनाव में नरेंद्र मोदी की ऐसी लहर आई थी की बड़े से बड़े दिग्गज राजनेता उसमें बह गए थे. दिग्गज से दिग्गज नेता अपना किला नहीं बचा पाए थे.

साल 2014 के चुनाव में देश के इतिहास में पहली बार कांग्रेस पार्टी के अलावा किसी अन्य पार्टी को पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था और देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस पहली बार 50 से कम सीटों पर सिमट गई थी. 1984 के बाद पहली बार कोई पार्टी अपने दम पर बहुमत से सरकार बनाने की हैसियत में आई थी. साल 2014 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अपने दम पर 282 सीटें मिली थीं जो सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़े 272 से 10 सीटें ज्यादा थीं. इसके अलावा एनडीए को 336 सीटें प्राप्त हुई थीं.

वहीं कांग्रेस पार्टी को मात्र 44 सीटों से संतोष करना पड़ा था. आलम यह था कि कांग्रेस पार्टी को इतनी सीटें भी नहीं मिली थीं कि उन्हें विपक्ष का दर्जा दिया जाए. कांग्रेस के अलावा सपा, बसपा, लेफ्ट सरीखीं ज्यादा पार्टियों को अपना किला बचाना मुश्किल हो गया था. इस चुनाव में बसपा को एक भी सीट नहीं मिली थी. जबकि सपा को सिर्फ 5 सीटें नसीब हुई थीं. यूपी में कांग्रेस सिर्फ सोनिया गांधी और राहुल गांधी की सीट ही बचा पाई थी.

बीजेपी ने देश के कई राज्यों में क्लीन स्वीप कर दिया था. इसमें गुजरात की 26 में से 26, राजस्थान की 25 में से 25, दिल्ली की 7 में से 7, हिमाचल प्रदेश की 4 में से 4, उत्तराखंड की 5 में से 5 आदि शामिल हैं. इसके अलावा यूपी की 80 में से 71 सीटें, मध्य प्रदेश की 29 में से 27 सीटें बिहार की 40 में से सहयोगी दलों के साथ 31 सीटें जीती थीं. इसके अलावा झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब आदि राज्यों में ऐसी-ऐसी सीटें जीती थीं जो बीजेपी ने कभी नहीं जीती थी.

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के अलावा एआईएडीएमके को 37, बीजद को 20 सीट, टीडीपी को 16, ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस को 34, शिवसेना को 18, टीआरएस को 11 सीटें, सीपीआई(एम) को 9, एनसीपी को छह, समाजवादी पार्टी को पांच, आम आदमी पार्टी को पंजाब में 4, शिरोमणि अकाली दल को पांच, अपना दल को दो सीटें हासिल हुई थीं.