यूरोपीय संघ चुनाव, दक्षिणपंथी और वामपंथी पार्टियों की पकड़ ढीली

जर्मनी की ग्रीन पार्टी

यूरोपीय यूनियन के चुनाव से अब तक जो झलक मिली है, उससे ज़ाहिर होता है कि दक्षिणपंथी और वामपंथी पार्टियों के प्रति समर्थन कम हुआ है.

इस बार के चुनाव में लिबरल और दक्षिणपंथ से दूरी रखने वाली पार्टियों को समर्थन मिला है.

इस चुनाव में उम्मीद से ज़्यादा वोट पड़े. माना जा रहा है कि इस बार युवा मतदाताओं ने कहीं ज़्यादा मतदान किया है.

यूरोपीय संसद के लिए 23 से 26 मई के बीच चुनाव हुए जिनमें 700 से ज़्यादा यूरोपीय सांसदों को चुने जाने के लिए मतदान हुआ.

ये सांसद 28 यूरोपीय देशों के 50 करोड़ से ज़्यादा यूरोपीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं.

आख़िरी यूरोपीय संघ चुनाव 2014 में हुए थे जिसमें दक्षिणपंथी और वामपंथी दलों को आधी से ज़्यादा सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार इसमें बदलाव दिखेगा.

अगले कुछ घंटों में नतीजों के पूरी तरह स्पष्ट होने की उम्मीद है.

यूरोपीय यूनियन के चुनाव से जुड़ी अब तक जो बातें निम्नांकित हैं-

1. दक्षिणपंथी पार्टियों का समर्थन कम हुआ

जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल की दक्षिणपंथी क्रिश्चियन डेमोक्रेट्स को 28 प्रतिशत मत मिले हैं, यह यूरोपीय चुनाव में पार्टी का अब तक का सबसे ख़राब प्रदर्शन है. वहीं वामपंथी पार्टी सोशल डेमोक्रेट्स का प्रदर्शन भी बेहद ख़राब रहा है. 16 प्रतिशत वोट के साथ पार्टी तीसरे पायदान पर है.

ये दोनों डेमोक्रेटेस वहां की दक्षिण पंथी पार्टी यूरोपीयन पीपल्स पार्टी (ईपीपी) और वामपंथी पार्टी सोशलिस्ट एंड डेमोक्रेट्स (एसएंडडी) को प्रतिनिधि मुहैया कराते हैं. दोनों पार्टियाँ मिलकर स्ट्रॉसबर्ग स्थित संसद में आधे से ज़्यादा सीटें हासिल करती रही हैं.

मरीन ला पेन

लेकिन इस बार के आधिकारिक रूझानों पर आधारित एग्ज़िट पोल्स के मुताबिक दोनों पार्टियों को करीब 92 सीटों का नुकसान हो सकता है. इनकी हिस्सेदारी 12 प्रतिशत कम होकर 42.6 प्रतिशत तक आ सकती है.

हालांकि एक अन्य दक्षिणपंथी समूह, एलायंस ऑफ़ लिबरल्स एंड डेमोक्रेट्स फॉर यूरोप (एएलडीई) की सीटों में बढ़ोत्तरी हुई है. 2014 की 67 सीटों से बढ़कर यह समूह 102 सीटों तक पहुंचा है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की ला रिपब्लिक इन मार्चे इस समूह को ज्वाइन कर सकता है और इसकी भूमिका किंगमेकर की हो सकती है.

मौजूदा यूरोपीय यूनियन संसद में एएलडीई समूह के नेता गया वेरहोफास्टडट इसे ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं कि क्योंकि इससे सत्ता में नया संतुलन आएगा.

2. ग्रीन पार्टी के प्रति लहर

कई यूरोपीय देशों में ग्रीन पार्टी के प्रति समर्थन बढ़ा है. जर्मनी में ग्रीन पार्टी का वोट शेयर दोगुना हो गया है, 22 प्रतिशत वोट के साथ पार्टी दूसरे स्थान पर आ गई है. बर्लिन में मौजूद बीबीसी संवाददाता जेनी हिल के मुताबिक 30 साल से कम उम्र के एक तिहाई मतदाताओं ने ग्रीन पार्टी को वोट दिया है.

चुनाव प्रचार के दौरान 90 प्रभावी यूट्यूबरों ने राजनीतिक दलों से पर्यावरण के मुद्दे को गंभीरता से लेने की अपील की थी.

फ्रांस की ग्रीन पार्टी यूरोप इकॉलॉजी लेस वर्ट्स (ईईएलवी) 13.2 प्रतिशत मतों के साथ तीसरे स्थान पर आ गई है. हालांकि फ्रांस के ले पेन और मैक्रो, दोनों ने पर्यावरणीय मुद्दों पर काम करने की बात कही थी.

पुर्तगाल की ग्रीन पैन पार्टी यूरोपीय संसद की पहली सीट जीतने की कगार पर है, संभव है कि पार्टी दो सीटों पर जीत हासिल कर ली.

ग्रीन पार्टी

फ़िनलैंड में भी ग्रीन पार्टी दूसरे पायदान पर पहुंच गई है, वहीं स्वीडन में पार्टी को नुकसान हुआ है.

आयरलैंड के शुरुआती रुझानों के मुताबिक ग्रीन पार्टी को 15 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है.

3. राष्ट्रवादी दक्षिणपंथ का हाल

फ्रांस में मरीन ला पेन की नेशनल रैली पार्टी 23.4 प्रतिशत वोट शेयर के साथ पहले स्थान पर चल रही है जबकि इमैनुएल मैक्रो की पार्टी 22.4 प्रतिशत के साथ ठीक पीछे ही है.

मरीन ला पेन की पार्टी ने जिन स्थानों पर अच्छा किया है वहां मतदान भी ज़्यादा हुआ है. ली पेन ने यूरोपीय यूनियन की सदस्यता पर अपना स्टैंड चेंज किया है और अब उनका कहना है कि वह इस समूह में बनी रहेंगी.

स्पेन में दक्षिण पंथी वोक्स पार्टी को केवल 6.2 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि स्पेन के चुनाव में इस पार्टी को 10 प्रतिशत से ज़्यादा वोट मिले थे.

वहीं ब्रिटेन में एंटी यूरोपीय यूनियन पार्टी, ब्रेग्ज़िट पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है.

अहम देशों का हाल

ऑस्ट्रिया में सत्तारुढ़ पीपल्स पार्टी को 34.9 प्रतिशत वोट मिले हैं. हालांकि देश में इस पार्टी की सरकार ख़तरे में है और सोमवार को इसके नेता सेबेस्टियन कुर्ज़ को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना है.

ग्रीस के प्रधानमंत्री अलेक्सिस टिसेप्रास की वामपंथी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, विपक्षी कंजरवेटिव न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत हासिल करने के लिए प्रधानमंत्री से इस्तीफ़ा मांगा है.

वहीं आयरलैंड के मौजूदा प्रधानमंत्री लियो वाराडकर की पार्टी जीत की ओर बढ़ रही है.

नीदरलैंड्स की डच लेबर पार्टी ने उम्मीद के मुताबिक जीत हासिल की है. 18 प्रतिशत वोट बैंक के साथ पार्टी ने जोरदार जीत हासिल की थी. जबकि पुर्तगाल में ग्रीन पार्टी पैन यूरोपीय संसद में प्रवेश की तैयारी में है.

क्या है यूरोपीय संसद

यह यूरोपीय संघ का इकलौता और प्रत्यक्ष निर्वाचित हिस्सा है. मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव प्रत्येक पांच साल के लिए करते हैं. इसके मौजूदा सांसदों की संख्या 751 है.

यूरोपीय संसद की इमारत ब्रसेल्स और स्ट्रॉसबर्ग में स्थित हैं. यूरोपीय संसद की ताक़त लगातार बढ़ रही है और इसके फ़ैसलों का यूरोपीय लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ने लगा है.

यूरोपीय संघ

यूरोपीय संसद के सदस्य, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण, पारिवारिक मुद्दों, नौकरियां और वेतन से जुड़े मुद्दों पर फ़ैसले लेते हैं.

मंत्रियों की परिषद की तरह ही यूरोपीय संसद आपस में मिलकर कोई फ़ैसला लेकर क़ानून बना सकती है. वैसे, दोनों संस्थाओं को क़ानून पारित करने के लिए सहमत होना होता है.

क़ानून बनाने के अलावा, यूरोपीय संसद की दो अहम ज़िम्मेदारियां भी हैं:

•यूरोपीय संसद के सदस्यों के पास यूरोपीय संघ के बजट को पास करने का अधिकार है. हालांकि यह यूरोपीय संसद के प्रेसीडेंट के हस्ताक्षर के बाद ही लागू हो सकता है.

•यूरोपीय संसद की भूमिका दूसरे यूरोपीय संघ की संस्थाओं की निगरानी करने की भी है, जिसमें आयोग के अध्यक्ष और आयुक्तों के फ़ैसले को पारित करना या फिर ख़ारिज करना भी शामिल है.

 
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