नंदा देवी: पाँच लापता पर्वतारोहियों के शव देखे गए, तीन का अब भी पता नहीं


भारत के दूसरे सबसे ऊंचे पर्वत नंदा देवी की चढ़ाई कर रहे आठ लापता पर्वतारोहियों में से पांच लोगों के शव देखे गए हैं. इस दल में कुल 12 पर्वतारोही शामिल थे.

हिमालय पर्वत

जो आठ पर्वतारोही लापता हैं उनमें चार ब्रिटेन के हैं, दो अमरीका के और एक ऑस्ट्रेलिया से हैं. इनमें एक भारतीय पर्वतारोही भी शामिल है.

तलाशी अभियान से जुड़े भारतीय सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, “ये शव उसी रूट पर मिले हैं, जिनसे होकर पर्वतारोहियों को जाना था.”

इन पांच पर्वतारोहियों के शवों को वहां से निकालने की कोशिशें चल रही हैं.

बीबीसी संवाददाता योगिता लिमये के मुताबिक ये शव जहां देखे गए हैं, वहां घाटी इतनी दुर्गम है कि हेलीकॉप्टर नहीं उतारा जा सकता.

इससे पहले, रविवार शाम को इस दल के अन्य चार पर्वतारोहियों का भी पता चला था, इन्हें बेस कैंप से पिथौरागढ़ लाया गया. ये चारों ब्रितानी नागरिक हैं. आईटीबीपी के मुताबिक ज़ैकरी क्वेन, केट आर्मस्ट्रोन, इयान वेड और मार्क टोमास को सुरक्षित पिथौरागढ़ लाया गया है.

पर्वतारोहियों का दल
Image captionपर्वतारोहण से पहले दल के सदस्यों की ये तस्वीर ली गई थी

इस दल ने 13 मई को नंदा देवी पर्वत पर चढ़ाई शुरू की थी. इस दल को शुक्रवार को वापस बेस कैंप पर लौटना था. लेकिन 26 मई के बाद से इस दल के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.12 लोगों के दल में अभी भी तीन लोगों का कोई पता नहीं चल पाया है.

हिमस्खलन तो वजह नहीं

अधिकारियों का कहना है कि इस 7816 मीटर ऊंचे पर्वत पर हिमस्खलन के संकेत मिले हैं. नंदा देवी दुनिया का 23वां सबसे ऊंचा पर्वत है. साल 1936 में इस पर सबसे पहले चढ़ाई की गई थी.

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पर्वतारोहण के लिहाज से इसे बेहद मुश्किल चोटी माना जाता है और यही वजह है कि अन्य पर्वतों के मुकाबले इस पर कम पर्वतारोही आते हैं.

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