ऑनलाइन फंड ट्रांजेक्शन के लिए बैंक देते हैं NEFT-RTGS सहित कई सुविधाएं, जानें तरीके और सावधानियां

ऑनलाइन पैसा भेजने से पहले आरटीजीएस, नेफ्ट, आईएमपीएस और यूपीआई समेत कई सुविधाओं के बारे में जानना जरूरी है, जिनके जरिेए आप बड़ी से बड़ी राशि आसानी से फोन के जरिए भी ट्रांसफर कर सकते हैं.

how to transfer money online through net banking and phone banking

नई दिल्लीअपने या किसी अन्य व्यक्ति के अकाउंट में फंड ट्रांसफर करना है तो आपके लिए खुशखबरी है. रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने आरटीजीएस और एनईएफटी पर बैंको की ओर से वसूले जाने वाले चार्जेस को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला किया है.  यानी ग्राहक अब बैंकों की ओर से वसूले जाने वाले चार्जेस नहीं चुकाएंगे.हालांकि आरटीजीएस और एनईएफटी के अलावा कई और सुविधाएं हैं, जिनसे आप आसानी से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं. जानें बैंक की तरफ से दी जानी वाली सुविधाओं और इनको इस्तेमाल करने के आसान तरीकों के बारे में.

1- आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) 

आरटीजीएस फंड ट्रांसफर की सबसे तेज प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया में फंड प्राप्त करने के तत्काल या फिर 30 मिनट के भीतर बैंक को इसे निर्देशित खाते में ट्रांसफर करना होता है. यानी फंड को आगे प्रक्रिया के लिए नहीं टाला जा सकता है. आरटीजीएस का इस्तेमाल बड़े फंड ट्रांसफर के लिए किया जाता है. यहां न्यूनतम 2 लाख रुपये का ट्रांसफर किया जा सकता है. यदि किसी वजह से आपके द्वारा भेजे गए पैसे संबंधित व्यक्ति तक नहीं पहुंच पाते हैं तो पूरा पैसा सिर्फ 2 घंटे में आपके खाते में वापस पहुंच जाएगा. बैंकों में आरटीजीएस का इस्तेमाल कार्यदिवस के दिन सुबह 9 से शाम 30 बजे तक किया जा सकता है, जबकि शनिवार को यह सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होता है.

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2- एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) 

नेफ्ट  भी फंड ट्रांसफर का सरल और अहम तरीका है, लेकिन यह आरटीजीएस की अपेक्षा धीमा है. इसके तहत फंड ट्रांसफर एक निर्धारित समय पर ही होता है. मसलन, कार्यदिवस के दौरान हर एक घंटे पर इसके तहत फंड ट्रांसफर होते हैं. एनईएफटी में न्यूनतम राशि का कोई प्रतिबंध नहीं है. एनईएफटी पर फीस लगती है और 2 लाख रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 25 रुपये तक फीस लगती है. आरटीजीएस/एनईएफटी से पैसे ट्रांसफर करने के लिए आपके पास लाभार्थी के खाते की जानकारी जैसे उसका नाम, बैंक का नाम, खाता संख्या और आईएफएससी कोड होना चाहिए.

3- आईएमपीएस-एमएमआईडी (तत्काल भुगतान सेवा)

मोबाइल बैंकिंग सेवा का प्रयोग कर रहे ग्राहक ही इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं यानी पैसा भेज या प्राप्त कर सकते हैं. इसके आपको अपने मोबाइल नंबर और एक अतिरिक्त 7 अंकों के एमएमआईडी नंबर की आवश्यकता होगी. इस प्रक्रिया में फंड का ट्रांसफर तत्काल होता है. इस सेवा का आप 24 घंटे फायदा ले सकते हैं हैं. आईएमपीएस में पैसे ट्रांसफर करने के भी पैसे लगते हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया इस सुविधा के लिए 5 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज करती है.

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4- ईसीएस (इलेक्ट्रॉनिक क्लियरिंग सर्विसेज)

आप अपने बैंक अकाउंट से ईसीएस सुविधा द्वारा सभी पेमेंट कर सकते हैं. ईसीएस की मदद से ग्राहक एक बैंक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकता है. किसी लोन या क्रेडिट कार्ड का पेमेंट भी ईसीएस से किया जा सकता है. अगर आप भी अपने बैंक अकाउंट से ईसीएस पेमेंट की सुविधा लेना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले अपने बैंक को इसकी सूचना देनी होगी. आपका बैंक आपको इसके लिए एक ईसीएस मेंडेट फॉर्म देगा. इस फॉर्म के माध्यम से ही आप बैंक को ईसीएस क्रेडिट/डेबिट का मेंडेट देते हैं.

5- यूपीआई (यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस)

इसका ऐप गूगल प्लेस्टोर पर मिलेगा जहां से इसे अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड किया जा सकता है. यूपीआई के जरिए एक दिन में 50 रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक ट्रांसफर किए जा सकते हैं. यूपीआई 24 घंटे और सातों दिन काम करेगा. यूपीआई दरअसल एक वर्चुअल आईडी से दूसरे वर्चुअल आईडी तक फंड ट्रांसफर करता है. यूपीआई में आपको अपनी वर्चुअल आईडी अपने बैंक से मिलेगी.