तीखे बयानों से चर्चा में रहने वाले आजम खां बोले- मदरसों में पैदा नहीं होते गोडसे- साध्वी प्रज्ञा जैसे लोग

मोदी सरकार ने अगले 5 साल में मदरसों के 5 करोड़ छात्रों को स्कॉलरशिप देने की 3E योजना बनाई है. 3E का मतलब है-एजुकेशन, एम्प्लायमेंट और एम्पावरमेंट है.

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लखनऊ: अपने तीखे बयानें से चर्चा में रहने वाले समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद आजम खां ने मदरसों को लेकर नया बयान दिया है. आजम खां ने कहा है कि मदरसों में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे और साध्वी प्रज्ञा जैसे लोग पैदा नहीं होते. दरअसल आजम खां से मोदी सरकार की ओर से मदरसों को शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने की योजना पर प्रतिक्रिया ली गई थी.

पहले मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील दो- आजम

आजम खां ने मोदी सरकार की अगले 5 साल में 5 करोड़ मदरसा छात्रों को स्कॉलरशिप देने की 3E योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘’स्कॉलरशिप तो (मोदी सरकार) आप देंगे तब देंगे. कम से कम पहले मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील तो दे दो, जो आप दूसरे स्कूल के बच्चों को देते हैं.’’


आजम खान ने कहा, ‘’मदरसे नाथूराम गोडसे के स्वभाव वालों या प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसी शख्सियतों को पैदा नहीं करते. पहले घोषित करें कि नाथूराम गोडसे के विचारों का प्रचार करने वाले लोकतंत्र के दुश्मन घोषित किए जाएंगे, आतंकवादी गतिविधियों के लिए दोषी करार दिए गए लोगों को इनाम नहीं दिया जाएगा.”

मदरसों को लेकर मोदी सरकार ने क्या फैसला किया है?

बता दें कि मोदी सरकार ने मदरसों के कायाकल्प का पूरा प्लान बनाया है. अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने खुलासा किया है कि सरकार ने अगले 5 साल में 5 करोड़ छात्रों को स्कॉलरशिप देने की 3E योजना बनाई है. 3E का मतलब है-एजुकेशन, एम्प्लायमेंट और एम्पावरमेंट. इनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों को शामिल किया जाएगा. केंद्र सरकार पांच करोड़ से ज्यादा गरीब अल्पसंख्यक वर्गों के गरीब छात्र छात्राओं को स्कॉलरशिप देगी.