गुजरात तट से नहीं टकराएगा चक्रवात लेकिन खतरा बरकरार, बिहार, झारखंड, यूपी में चलेगी आंधी

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि चक्रवात ‘वायु’ के रास्ता बदल लेने के बावजूद गुजरात के तटीय क्षेत्रों के लिए तूफान की गंभीरता एक खतरा बनी हुई है.

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Cyclone Vayu: गुजरात वासियों के लिए राहत की खबर है. मौसम विभाग ने आज कहा कि चक्रवात ‘वायु’ ने अपना रास्ता बदल लिया है और अब इसके गुजरात तट से टकराने की संभावना नहीं है. हालांकि तटवर्ती जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होगी. इस बीच मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में बिजली कड़कने और तेज हवा चलने की संभावना जताई है. 10 प्वाइंट्स-

1. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने कहा इसके (चक्रवात वायु के) तट से टकराने की संभावना नहीं है. यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा. इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है. लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी.

2. चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने सुबह साढ़े आठ बजे के बुलेटिन में कहा काफी संभावना है कि यह कुछ समय तक उत्तर-उत्तर पश्चिमी दिशा की तरफ चलेगा और फिर उत्तर पश्चिमी दिशा में सौराष्ट्र तट के किनारे से गुजरेगा जिससे गिर सोमनाथ, दीव, जूनागढ़, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका प्रभावित होंगे. इस दौरान 135 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी जो 13 जून को दोपहर बाद 160 किलोमीटर प्रति घंटे रफ्तार की हवाओं में तब्दील हो सकती हैं.

3. एक अधिकारी ने कहा कि तेज हवाओं, धूल भरी आंधी और बारिश का खतरा जस का तस बना हुआ है. चक्रवात की ‘आंख’ के रूप में जाना जाने वाला तूफान का मध्य भाग गुजरात तट से थोड़ा दूर हो गया है, लेकिन इसका व्यास 900 किलोमीटर से अधिक का है.’’

4. मौसम विज्ञान विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक देवेंद्र प्रधान ने बताया कि चक्रवात समुद्र में रहेगा और गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा. प्रधान ने कहा, ‘‘इसने थोड़ा सा पश्चिम की तरफ रुख कर लिया है. यह गुजरात तट के किनारे-किनारे गुजरेगा.’’

5. वायु तूफा के खतरों को भांपते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले तीन लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. इसके लिए स्थानीय प्रशासन के साथ एनडीआरएफ ने आगे बढ़कर काम किए.

6. थल सेना, वायु सेना और नौसेना को अलर्ट पर रखा गया. ताकि किसी भी खतरे से निपटा जा सके. एनडीआरएफ की 45 सदस्यों वाले राहत दल की करीब 52 टीमें गठित की गई. सेना की 11 टीमों को तैनात किया गया और 24 टीम को अलर्ट पर रखा गया. एक टीम में करीब 70 जवान होते हैं.

7. पश्चिम रेलवे ने बताया कि चक्रवात वायु के चलते आने वाली संभावित आपदा को देखते हुये रेलवे ने 77 ट्रेनों को रद्द कर दिया और 28 ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला किया है. तटीय इलाकों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.

8. चक्रवात वायु के खतरे को देखते हुए पोरबंदर, दीव, भावनगर, केशोद और कांडला एयरपोर्ट पर सेवाओं को बंद कर दिए गए हैं. इसकी वजह से 400 विमान सेवाएं प्रभावित हुई है. मौसम की स्थिति को देखने के बाद फिर से सेवाओं को शुरू किया जाएगा.

9. मौसम विभाग ने आज गुजरात के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है. मौसम विभाग ने कहा कि राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है. आपको बता दें कि जून में राजस्थान के कुछ हिस्सों में तापमान 50.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

10. दिल्ली की बात करें तो आज सुबह मौसम गर्म रहा और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम वैज्ञानिकों ने दिन में आसमान में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना जताई है, लेकिन दिल्ली के दूर दराज के कुछ इलाकों में लू चल सकती है. वहीं तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, कर्नाटक, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होगी.