मौसम विभाग ने कहा- गुजरात के तट से नहीं टकराएगा वायु तूफान, पोरबंदर, द्वारका के पास से गुजरेगा

 गुजरात में चक्रवाती तूफान वायु की आहट सुबह से दिखाई दे रही है. आज सुबह पोरबंदर में समुद्र में लहरें उठती दिखाई दी. तूफान को देखते हुए ऐहतियातन करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है.

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मौसम वैज्ञानिक सती देवी ने कहा कि चक्रवाती तूफान वायु तटीय इलाकों को छूते हुए निकलेगा. इसकी रफ्तार 145-165 किलो मीटर प्रति घंटे तक रहेगी. लैंडफॉल नहीं होने की वजह से तूफान की इंटेंसिटी कम होगी मगर खतरा अभी भी बरकरार है. अधिक बारिश का अलर्ट जारी है.

भारतीय मौसम विभाग की वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती ने आज अहमदाबाद में कहा कि गुजरात के तट से नहीं टकराएगा वायु चक्रवात. यह चक्रवात वेरावल, पोरबंदर, द्वारका के पास से गुजरेगा जिससे इन इलाकों में भारी आंधी और बारिश होगी.

केन्द्रीय भू विज्ञान मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि मैं उन सभी परिवारों के भले की प्रार्थना करता हूं जिनके चक्रवात वायु से प्रभावित होने की आशंका है. इसके 13 जून को दोपहर में 155-156 किलोमीटर प्रतिघंटा रफ्तार वाली हवा के साथ आने की संभावना है. उन्होंने कहा कि भू विज्ञान मंत्रालय के अधिकारी चक्रवात के संबंध में समय पर जानकारी मुहैया करा रहे हैं.

चक्रवाती तूफान ‘वायु’ आज दोपहर में गुजरात में द्वारका और वेरावल के बीच टकरायेगा. वायु बेहद गंभीर की श्रेणी में आ गया है. इस दौरान हवा की रफ्तार 155-165 किमी/घंटा तक हो सकती है जो 180 तक पहुंच सकता है. तट से टकराने के 24 घंटे बाद तक इसका असर बने रहने की आशंका है. इसे देखते हुये दस जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.

सेना, वायु सेना और एनडीआरएफ की टीमें तैनात हैं और तटीय जिलों में बचाव और राहत कार्यों के लिए तैयार हैं. भारतीय तटरक्षक बल ने चक्रवाती तूफान की स्थिति में बचाव और बचाव के लिए जहाजों और विमानों को तैनात किया है. एनडीआरएफ की 45 सदस्यों वाले राहत दल की करीब 52 टीमें गठित की गई हैं और सेना की दस टुकड़ियों को तैयार रखा गया है. इसके अलावा भारतीय नौ सेना के युद्धपोतों और विमानों को भी तैयार रहने को कहा गया है. करीब तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है.

पश्चिम रेलवे ने चक्रवात वायु से होने वाली संभावित आपदा को देखते हुये मुख्यमार्ग की 40 रेलगाड़ियों को रद्द और ऐसी ही 28 ट्रेनों को आंशिक रूप से समाप्त करते हुये कम दूरी पर ही रोक दिया गया है.