मनीष सिसोदिया ने दिया मेट्रो मैन श्रीधरन की चिट्ठी का जवाब, कहा- महिलाओं के लिए फ्री सेवा से लाभ ही होगा


श्रीधरन ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि दिल्ली सरकार के प्रस्ताव पर सहमत न हों. इसी के जवाब में अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने श्रीधरन को पत्र लिखा है.

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नई दिल्ली:  दिल्ली मेट्रो में महिलाओं के लिए मुफ्त में यात्रा वाले केजरीवाल सरकार की योजना पर अब सियासत गर्मा गई है.दिल्ली मेट्रो के पूर्व प्रमुख और मेट्रो मैन के नाम से मशहूर ई श्रीधरन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी जिसमें इस योजना को लेकर उन्होंने चिंता जाहिर की थी. अब उनकी चिट्ठी के जवाब में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ई श्रीधरन को चिट्ठी लिखी है.

मनीष सिसोदिया ने कहा, ” मैंने ई श्रीधरन साहब को चिट्ठी लिखी है और बताया है कि दिल्ली मेट्रो पहले से ही नुकसान में है. इसकी क्षमता 40 लाख यात्रियों की है और वर्तमान में यह केवल 25 लाख यात्रियों को ले जा रहा है.”

मनीष सिसोदिया ने कहा, ”महिलाओं को किराए में रियायत’ देने के हमारे फैसले से दिल्ली मेट्रो को भी लाभ मिलेगा. मेट्रो में सफर करने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी और किराया कम हो जाएगा. अगर दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए किराया दे रही है तो दिल्ली मेट्रो को खुश होना चाहिए.”

श्रीधरन ने जताया था विरोध

मेट्रो मैन के नाम से मशहूर दिल्ली मेट्रो के पूर्व चीफ ई श्रीधरन ने केजरीवाल की इस योजना का विरोध किया है. श्रीधरन ने प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर योजना को मंजूरी ना देने की मांग की है. श्रीधरन का कहना है कि जब मेट्रो की शुरुआत हुई थी तब ही ये तय हुआ था कि किसी के लिए मेट्रो में फ्री यात्रा नहीं होगी. खुद 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने टिकट लेकर यात्रा की थी. श्रीधरन का कहना है कि अगर दिल्ली सरकार रियायत देना ही चाहती है तो सीधे महिला यात्रियों के खाते में पैसे डाल दें. मेट्रोमैन ने फ्री यात्रा को मेट्रो के लिए नुकसानदायक बताया है.

श्रीधरन ने कहा, ”मेट्रो का अपना स्टाफ यहां तक कि मैनेजिंग डायरेक्टर भी जब यात्रा करते हैं तो टिकट खरीदते हैं. इस योजना को लागू करने में 1000 करोड़ रुपये सालाना का खर्चा आएगा और यह बढ़ता ही जाएगा, क्योंकि मेट्रो बढ़ेगी और किराए बढ़ेंगे.” उन्होंने कहा, ”समाज के एक हिस्से को रियायत दी जाएगी तो बाद में दूसरे इससे भी रियायत देने की मांग करेंगे जैसे कि छात्र, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक आदि. जो कि इस रियायत के ज़्यादा हकदार हैं. यह बीमारी देश की दूसरी मेट्रो में भी फैलती जाएगी. इस कदम से दिल्ली मेट्रो अक्षम और कंगाल हो जाएगी.”

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