पश्चिम बंगाल के भाटपारा में फिर भड़की हिंसा, फेंके गए दो बम, गुरुवार को गई थी 2 जानें


पश्चिम बंगाल के भाटपारा में आज भी हिंसा जारी है. यहां गुरुवार को दो समूहों के बीच संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई थी और 11 लोग घायल हो गए थे. इसके बावजूद आज भी यहां 2 बम फेंके गए हैं. हालांकि, ये बम फटा नहीं.

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के भाटपारा में गुरुवार को हुई हिंसा के बाद आज एक बार फिर यहां दो बम फेंके गए. हालांकि, ये बम विस्फोट नहीं हुआ. पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है. बता दें कि भाटपारा में गुरुवार को दो समूहों के बीच संघर्ष में दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए थे. राज्य के उत्तर 24 परगना जिले में हिंसा के बाद प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी. इस झड़प के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी ने एक-दूसरे पर आरोप लगाये हैं. हिंसा जहां हुई है वह क्षेत्र बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत आता है.

सीएम ममता बनर्जी ने घटना में शामिल लोगों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिए हैं. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच लोगों को इस झड़प के संबंध में गिरफ्तार किया गया है. राज्य सरकार ने बैरकपुर पुलिस आयुक्त तन्मय राय चौधरी को पद से हटा दिया है और उनकी जगह मनोज कुमार वर्मा को नियुक्त किया है. वह पहले दार्जिलिंग के आईजीपी थे. पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि 11 घायल लोगों में छह पुलिसकर्मी हैं जिन्हें हिंसा को काबू में करने के दौरान चोटें आईं. रिपोर्टों के अनुसार नवनिर्मित भाटपारा थाने के पास दो विरोधी समूहों के सदस्यों के बीच तीखी झड़प हुई और इस दौरान कई बम फेंके गए और गोलियां चलाई गईं. नवनिर्मित थाने का गुरुवार को गृह सचिव ने उद्घाटन किया था.

गृह सचिव ने कहा- भाटपारा में आपराधिक तत्व सक्रिय
गृह सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने कहा, ‘‘भाटपारा में कुछ असामाजिक और आपराधिक तत्व सक्रिय हैं. बाहरी तत्व भी उनके साथ शामिल हो गए हैं और इलाके में शांति बाधित कर रहे हैं. आरएएफ कर्मियों को तैनात किया गया है.’’ भाटपारा में 19 मई को हुए विधानसभा चुनाव के बाद झड़प के कई मामले सामने आ चुके हैं. पश्चिम बंगाल सरकार ने भाटपारा समेत बैरकपुर पुलिस आयुक्तालय के तहत आने वाले कुछ इलाकों में हालात को गंभीरता से लिया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या पुलिस की गोली से लोगों की मौत हुई है क्योंकि स्थानीय लोग ऐसा आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा, ‘‘मौत की वजह की जांच की जा रही है. पुलिस ने हवा में गोली चलाई थी.’’ एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वालों की पहचान रामबाबू शॉ और धर्मवीर शॉ के रूप में हुई है.

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