मुस्लिम युवक की मॉब लिंचिंग पर बोले ओवैसी- BJP और RSS ने बढ़ा दी नफरत


असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं नहीं रुक सकती क्योंकि बीजेपी और आरएसएस ने लोगों के दिमाग में मुस्लिमों के प्रति नफरत की भावना बढ़ा दी है.

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (IANS)

झारखंड में एक मुस्लिम युवक को भीड़ ने पीट पीट कर मौत के घाट उतार दिया. इस दौरान उससे कथित रूप से जबरदस्ती जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे भी लगवाए गए. इस घटना के बाद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधा.असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं नहीं रुक सकतीं क्योंकि बीजेपी और आरएसएस ने लोगों के दिमाग में मुस्लिमों के प्रति नफरत की भावना बढ़ा दी है. लोगों के दिमाग में यह बात सफलतापूर्वक बैठा दी गई है कि मुस्लिम आतंकी, देशद्रोही और गो-हत्यारे होते हैं.

ओवैसी पहले भी इस मामले में बीजेपी, नरेंद्र मोदी और आरएसएस पर निशाना साधते रहे हैं. अभी हाल में उन्होंने कहा कि ‘पीट-पीट कर मार डालना (मॉब लिंचिंग) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विरासत है. मोदी को भारतीय इतिहास में मॉब लिंचिंग के लिए याद रखा जाएगा, क्योंकि उनके कार्यकाल में इस तरह की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं. अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन के प्रमुख ने मीडिया से कहा, ‘ये घटनाएं हमेशा मोदी को डराएंगी, क्योंकि प्रधानमंत्री के रूप में वे इसे रोक नहीं सके.’

मॉब लिंचिंग की यह घटना झारखंड के खरसावां की है. चोरी के शक में लोगों ने एक युवक को घेर लिया और पीट पीट कर हत्या कर दी. पुलिस घटनास्थल पर 18 घंटे बाद पहुंची, इससे पहले ही भीड़ ने उसे पीट कर लहूलुहान कर दिया. बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी मौत हो गई. युवक का नाम तबरेज अंसारी है जिसकी उम्र 24 साल थी. पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है और पप्पू मंडल नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. तबरेज अंसारी महाराष्ट्र के पुणे में वेल्डिंग का काम करता था और ईद पर छुट्टी मनाने घर आया था. उसकी शादी की तैयारी चल रही थी लेकिन उसके पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई.

इस घटना पर झारखंड के मंत्री सीपी सिंह का भी बयान आया है. उन्होंने कहा, ‘आजकल ऐसी घटनाओं को बीजेपी, आरएसएस और वीएचपी से जोड़ने का प्रचलन हो गया है. आज का दौर कट और पेस्ट का है. कौन किस शब्द के लिए फिट बैठेगा यह कहना मुश्किल है. सरकार इस घटना की जांच कराएगी. ऐसी घटनाओं का राजनीतिकरण करना गलत है.’

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