निजी कंपनियों के हवाले होगी एअर इंडिया, सरकार विनिवेश के लिए प्रतिबद्ध- हरदीप पुरी


नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वीकार किया कि एयर इंडिया का कुल घाटा 59 हजार करोड़ रुपये है. इसमें निजीकरण की कोशिश के तहत विशेष कोष के जरिये 29 हजार करोड़ रुपये की पूर्ति की जायेगी.

Related image

नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी एयर इंडिया का विनिवेश करने के लिये प्रतिबद्ध है. विनिवेश से पहले एयर इंडिया को संचालन की दृष्टि से बेहतर बनाया जा रहा है. पुरी ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि इन प्रयासों के फलस्वरूप एयर इंडिया वित्तीय रूप से मजबूत हुयी है और चालू वित्त वर्ष में यह लाभ अर्जित करेगी. उन्होंने कहा कि एयर इंडिया मौजूदा दौर में प्रतिदिन 15 करोड़ रुपये राजस्व अर्जित कर रही है और साल के अंत तक कंपनी लाभ की स्थिति में आ जायेगी.

मंत्री ने कहा, ”हमारी योजना एयर इंडिया को फिर से मजबूत कर इसका विनिवेश करना है. सरकार एयर इंडिया के निजीकरण के लिये प्रतिबद्ध है. इसमें कोई संदेह नहीं है.”

पुरी ने स्वीकार किया कि एयर इंडिया का कुल घाटा 59 हजार करोड़ रुपये है. इसमें निजीकरण की कोशिश के तहत विशेष कोष के जरिये 29 हजार करोड़ रुपये की पूर्ति की जायेगी. एयर इंडिया के पास कर्मचारियों के वेतन का अक्टूबर के बाद भुगतान करने के लिये धन नहीं होने के सवाल पर पुरी ने कहा कि वह एयर इंडिया में वैकल्पिक व्यवस्था कायम होने के बाद वह वित्तीय संकट के बारे में बहुत अधिक चिंतित नहीं है.

हवाई किराये में इजाफे से जुड़े सवाल के जवाब में पुरी ने दिल्ली मुंबई मार्ग का उदाहरण देते हुये कहा कि इस रूट पर 20 साल से औसतन 5100 रुपये किराया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के किराये में बढ़ोतरी के लिये निजी क्षेत्र की विमानन सेवा जेट एयरवेज के संकट सहित अन्य कारणों को वजह बताया. हालांकि पुरी ने भरोसा जताया कि किराये में बढ़ोतरी का मुद्दा जल्द सुलझा लिया जायेगा. इस हेतु प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap