बजट 2019: जानें 2014 से लेकर 2019 तक के बजट में क्या थी मोदी सरकार की प्रमुख घोषणाएं


मोदी सरकार जल्द ही अपने दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश कर देगी. लेकिन क्या आपको याद है कि अपने पहले कार्यकाल में मोदी सरकार ने किन-किन योजनाओं की घोषणा की थी?

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नई दिल्ली: मोदी सरकार 5 जुलाई को अपने दूसरे कार्यकाल का पहला आम बजट पेश करने वाली है. पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने वाली मोदी सरकार से हर आम और खास को उम्मीद है कि इस बार उनके लिए जरूर कुछ खास किया जाएगा. हम आपको बताते हैं कि अपने पहले कार्यकाल के 6 बजटों में किन योजनाओं का एलान किया गया.

 जानिए 2019 के अंतरिम बजट से लेकर 2014 के पहले आम बजट तक मोदी सरकार की प्रमुख घोषणाओं के बारे में- 

अंतरिम बजट 2019
फरवरी 2019 में तत्कालीन वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट में पेश किया था, आम चुनाव से पहले सरकार ने मध्यम वर्ग के लिए करों में कमी के साथ किसानों के लिए भी कई लोकलुभावन वादे किए थे. जानिए अंतरिम बजट 2019 की मुख्य विशेषताएं:

1. सरकार ने छोटे किसानों को सालाना 6 हजार रुपये देने की घोषणा की थी.
2. असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए पेंशन योजना शुरू करने की घोषणा की.
3. देश के मिडिल क्लास को राहत देते हुए 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स खत्म किया.
4. 2019-2020 में हेल्थ सेक्टर के लिए 61,398 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया.
5. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “आयुष्मान भारत” योजना के लिए 6,400 करोड़ रुपये रखे गए.

बजट 2018
वित्त वर्ष 2018-19 के लिए केंद्रीय बजट 2 फरवरी, 2018 को घोषित किया गया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2018 में कृषि पर प्रमुख रूप से ध्यान दिया गया. केंद्रीय बजट 2018, आम चुनाव 2019 से पहले अंतिम पूर्ण वर्ष का बजट भी था. बजट 2018 की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

1. सरकार ने जैविक खेती के लिए 200 करोड़ रुपये की घोषणा की थी.
2. 10 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को कवर करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की.
2. प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख का बीमा कवर देने का एलान किया.
4. 5 करोड़ ग्रामीण लोगों तक ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए 5 लाख वाईफाई हॉटस्पॉट की घोषणा की.
5. 250 करोड़ रुपये तक का टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स की दर को 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया.

बजट 2017
नोटबंदी का फैसला करने के बाद 2017 के केंद्रीय बजट की घोषणा की गई थी. 2017-18 के बजट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार थीं:

1. 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय वालों के लिए टैक्स की दर को 10 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया था.
2. बजट में प्रावधान किया गया था कि राजनीतिक पार्टियां सिर्फ 2 हजार रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकेंगी.
3. छोटी कंपनियों को टैक्स में राहत देते हुए उनपर कॉर्पोरेट टैक्स 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया.
4. बजट में रेलवे के टिकटों की ई-बुकिंग या ऑनलाइन बुकिंग पर से सर्विस चार्ज हटा लिया गया था.
5. महिलाओं के लिए देश के कई राज्यों में महिला शक्ति केंद्र बनाने का एलान किया गया.

बजट 2016
एनडीए सरकार के तीसरे बजट की घोषणा 28 फरवरी, 2015 को तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी. केंद्रीय बजट 2015-16 के मुख्य अंश इस प्रकार थे:

1. सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जीडीपी के 3.5 प्रतिशत राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को बरकरार रखा था.
2. किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि क्षेत्र में 35,984 करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
3. ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम मनरेगा के लिए 38500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया.
4. राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के तहत 76 लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने की बात कही गई.
5. एक मई 2018 तक 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य तय किया.

बजट 2015
2015 के केंद्रीय बजट की घोषणा 28 फरवरी को तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी. बजट 2015 के मुख्य अंश इस प्रकार से थे:

1. सरकार ने पांच राज्यों जम्मू और कश्मीर, पंजाब, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और असम में एम्स या अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की तर्ज पर संस्थान स्थापित करने की घोषणा की.
2. सरकार ने स्वच्छ गंगा कोष और स्वच्छ भारत कोष के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व गतिविधियों में 100 प्रतिशत टैक्स में छूट की घोषणा की.
3. कर्मचारियों की मासिक परिवहन भत्ता टैक्स छूट को 800 रुपये से बढ़ाकर 1600 रुपये किया गया.
4. एक लाख रुपये से अधिक के सौदों पर पैन का उल्लेख जरूरी किया गया.
5. अल्पसंख्यक युवाओं के लिए ‘मंजिल’ योजना की शुरुआत की गई.

2014 का बजट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के पहले बजट की घोषणा 10 जुलाई 2014 को तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने की थी. यहां जानिए 2014-15 के बजट के मुख्य भाग:

1. देश में 100 स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 7,060 करोड़ का एलान किया गया.
2. छोटे बचतकर्ताओं के लिए बचत साधन, किसान विकास पत्र को फिर से पेश किया.
3. एक राष्ट्रीय बहु-कौशल के लिए ‘स्किल इंडिया’ प्रोग्राम को पेश किया गया.
4. ग्रामीण स्तर पर व्यापक बैंड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम पेश किया.
5. 6 साल में गंगा जलमार्ग का विकास करने के लिए 4200 करोड़ रुपये का प्रस्‍ताव किया गया.

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