मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा लिया है.

मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को हटा लिया है. इसके बाद कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं. हालांकि कुछ विपक्षी दल इस मुद्दे पर मोदी सरकार का साथ भी दे रहे हैं. इसके अलावा कांग्रेस के भी कुछ सांसद पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मोदी सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

इसी क्रम में कांग्रेस के सीनियर नेता जनार्दन द्विवेदी मोदी सरकार का गुणगान करते दिखाई दे रहे हैं. अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले के बाद जनार्दन द्विवेदी ने जमकर तारीफ की है. जनार्दन द्विवेदी ने कहा, “मेरे राजनीतिक गुरू राम मनोहर लोहिया जी हमेशा इस आर्टिकल के खिलाफ थे. देरी के बावजूद एक ऐतिहासिक गलती को आज सुधारा गया है.”

इससे पहले कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर अपने एक सांसद को व्हिप जारी करने के लिए चुना था, लेकिन उस सांसद ने ऐन मौके पर पार्टी छोड़ दी थी. राज्यसभा में कांग्रेस के सीनियर नेता भुवनेश्वर कलिता ने पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया था. भुवनेश्वर कलिता को कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर व्हिप जारी करने के लिए चुना था.

कलिता ने इस्तीफा देने के बाद कहा था कि कांग्रेस ने मुझे व्हिप जारी करने के लिए चुना था लेकिन देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है. ये व्हिप देश की जन भावना के खिलाफ है. उन्होंने कहा था कि देश के पहले प्रधानमंत्री नेहरू ने भी खुद अनुच्छेद 370 का विरोध किया था.

उन्होंने बताया कि जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि एक दिन घिसते-घिसते धारा 370 खत्म हो जाएगा. लेकिन आज की कांग्रेस की विचारधारा से लगता है कि वह आत्महत्या कर रही है. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की इस विचारधारा का वह भागीदार नहीं बनना चाहते. इसलिए व्हिप का पालन नहीं करते और पार्टी से इस्तीफा दे दिया.