ऑटो सेक्टर पर GST कटौती के लिए राज्य सरकारें क्यों नहीं हैं तैयार ?


ऑटो सेक्टर में आयी मंदी से निपटने के लिए जीएसटी कॉउन्सिल की आगामी बैठक उद्योग जहां जीएसटी दर में कटौती की उम्मीद कर रहा है,

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वहीं कई राज्य इससे सहमत नहीं हैं. बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार फिटमेंट पैनल ने भी इस तरह की किसी भी कटौती की सिफारिश करने से परहेज किया था. 20 सितंबर को जीएसटी कॉउन्सिल की बैठक होनी है और ऑटो सेक्टर उम्मीद कर रहा है कि इस बैठक में उद्योग पर जीएसटी 28 प्रतिशत से 18 प्रतिशत किया जायेगा.

रिपोर्ट के अनुसार बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, और पंजाब सहित राज्यों का विचार है कि ऑटो क्षेत्र में मंदी GST दर के कारण नहीं है बल्कि अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक मुद्दे हैं बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा, “बिहार ऑटो सेक्टर में किसी भी तरह की कमी का समर्थन नहीं करेगा, क्योंकि राजस्व की स्थिति इसकी अनुमति नहीं देती है.”

सुशील मोदी ने सेस के घटक को समाप्त करके इस क्षेत्र का समर्थन करने से भी इनकार किया है. उन्होंने कहा कि “राज्यों को क्षतिपूर्ति के लिए केंद्र को धन कहां से मिलेगा? राजस्व स्थिति गंभीर है. फिटमेंट कमेटी ने पिछले हफ्ते अपनी बैठक में अनुमन लगाया था कि इस सेक्टर पर जीएसटी की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत से सालाना रेवेन्यू में लगभग 50,000 करोड़ रुपये की संभावित कमी आएगी.

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछले हफ्ते उद्योग से राज्य सरकारों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करने का आग्रह किया था. अगस्त में जीएसटी संग्रह में 1 ट्रिलियन रुपये को छूने में विफल रहा था. पंजाब का मानना है कि दर में कटौती संभव नहीं है और पिछली परिषद की बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर दर में कमी का विरोध किया था.

जुलाई में ईवीएस पर दर 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दी गई थी. केरल ने वाहनों के लिए किसी भी दर में कमी का विरोध किया है और कहा है कि यदि उपकर में कटौती के माध्यम से लाभ दिया जाता है, तो राज्यों को दिए गए मुआवजे पर इसका कोई असर नहीं होना चाहिए.

hi_INHindi
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