टीचर ने खुद को बताया डॉक्टर, गलत इंजेक्शन देकर ले ली सात साल के बच्चे की जान,


गलत इंजेक्शन लगाने से एक सात साल के लड़के की जान चली गई, आरोपी की पहचान सोनवाल सिंह के रूप में हुई।

भोपालः कुछ लोग जिस काम के लिए बने होते हैं वो छोड़ दूसरे कामों की होड़ रखते है पर सच्चाई कहीं न कहीं आड़े आ ही जाती है। इसी से जुड़ा एक मामला मध्य प्रदेश के डिंडोरी से सामना आया है। यहां एक सरकारी टीचर कई सालों से डॉक्टर बनकर तैयारी कर रहा था। इसी के चलते फर्जी डॉक्टर की वजह से एक बच्चे की जान चली गई। हैरान कर देने वाली ये घटना तब सामने आई, जब गलत इंजेक्शन लगाने से एक सात साल के लड़के की जान चली गई।

आरोपी की पहचान सोनवाल सिंह के रूप में हुई। वह एक सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर है। डिंडोरी के चीफ मेडिकल और हेल्थ ऑफिसर ने बताया की सोनवाल सिंह के पास कोई भी मेडिकल प्रैक्टिस करने का हक नहीं है और न ही वो इसके लायक वो एक टीचर है। बता दें, मृतक अनुज डिंडोरी जिले के गडासराय इलाके के कनकधारा गांव में अपने परिवार के साथ रहता था। टीचर सबको खुद को डॉक्टर भी बताता है इसलिए उसे गांव में ‘डॉक्टर साहब’ के नाम से जाना जाता है।

बच्चे की माता-पिता यहीं सोचकर अनुज को उसके पास ले गए। लेकिन जानकारी न होने के कारण सोनवाल सिंह ने बच्चे को गलत इंजेक्शन दे दिया, जिसकी वजह से बच्चे की 19 सितंबर को मौत हो गई। पुलिस मृतक बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की आगे कार्रवाई की जाएगी।

hi_INHindi
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