ट्रंप ने एक बार फिर की मध्यस्थता की पेशकश, बदले में मिला ये जवाब


अमेरिका के राष्ट्रपित ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर बयान दिया हैं उन्होंने कहा कि उनसे जो भी होगा वो करेंगे।

जम्मू-कश्मीर में जबसे अनुच्छेद 370 हटाया गया है तब से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार पीओके वाले हिस्सों को अपने और करने में लगे हुए है कि लेकिन कहीं न कहीं पीओके के लोग भी भारत के साथ है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जम्मू कश्मीर पर मध्यस्थता के प्रस्ताव की पेशकश की है। इतना ही नहीं उन्होंने ट्ववीट कर कहा कि वो जो कर सकते हैं वो करेंगे। बीते दिनों अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी और इमरान खान से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मामले को लेकर उन्होंने खूब सोचा इसके बाद उनके दिमाग में मध्यस्थता का सुझाव आया उन्होंने दोनों नेताओं के सामने मध्यस्थता का प्रस्तवा पेश किया है।

इतना ही नहीं जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को लेकर उन्होंने ट्वीट भी किया औक कहा, पाकिस्तान और भारत के संबंध में हमने कश्मीर के बारे में बात की। मैं जो भी मदद कर सकता हूं, उसकी मैंने पेशकश की, चाहे वह मदद मध्यस्थता ही क्यों न हो। मैं जो कर सकता हूं वह करूंगा, क्योंकि वे बहुत गंभीर मोड़ पर हैं और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा।’

डोनाल्ड ट्रंप के बयान को सुन विदेश मंत्री के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा कि जम्मू-कश्मीर में मध्यस्थता को लेकर भारत पहले भी अपने फैसला सुना चुका है। किसी भी स्थिति में भारत और पाक्सितान मध्यस्थता का फैसला नहीं कर सकते। हमारी तरफ से बिल्कुल साफ है। प्रधानमंत्री इस बात को पहले भी बता चुके है।

बता दें, डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले भी ये बयान दे चुके हैं, उन्होंने ये बयान संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भी पेश किया था। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के ह्यस्टन शहर में पीएम मोदी से हाउदी मोदी कार्यक्रम के दौरान मुलाकात की थी। पिछले दिनों पाकिस्तान की ओर से लगातार बयान आ रहे थे कि जम्मू कश्मीर में 370 हटने से अशांति फैली हुई है, लेकिन ऐसा नहीं वहां हालात काफी अच्छे है। अब वहां बच्चों के स्कूल भी खुलने लगे है और सड़कों पर चहल-पहल भी दिखने लगी है।

hi_INHindi
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