नवरात्रि व्रत के बाद इस तरह करें अष्टमी पूजन, जानें


नवरात्रि के नौ दिनों के व्रत के बाद कन्याओं को भोजन खिलाना शुभ माना जाता है। माना जाता है कि नवरात्रि के व्रत के बाद अगर कन्या नहीं खिलाई तो ये व्रत पूरा नहीं होता। कुछ लोग नवरात्रि के व्रत के बाद अष्टमी को कन्या खिलाते है तो वहीं कुछ लोग नवमी वाले दिन कन्या खिलाते है। जानें अष्टमी वाले दिन कन्या खिलाने का महत्व।

नवरात्रि के दौरान लोग माता के नौ रूप की पूजा करते हैं लेकिन नवरात्रि के दिन ही नहीं लोगों को हर दिन कन्याओं का सम्मान करना चाहिए। कन्या जब आपके घर में प्रवेश करें तो आपको उनका स्वागत फूल बरसाकर करना चाहिए, क्योंकि कन्याओं के रूप में स्वयं माता आपके घर में प्रवेश करती है। नवरात्रि में मा दुर्गा का विशेष महत्व माना जाता है। नवरात्रि वैसे तो साल में चार बार आते है लेकिन चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है।

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  • माना जाता है जब कन्या खिलाई जाती है तो सिर्फ उनमें 2 साल से लेकर 11 साल तक की ही लड़कियों हो।
  • कन्या खिलाने के दौरान उन्हें माता का प्रसाद जरूर देना चाहिए और उनके पैर छूकर आशीवार्द जरूर लेना चाहिए।
  • कन्या के माथे पर कुमकुम लगाना न भूलें और साथ में जाते वक्त उन्हें पैसे देकर विदा करें।
hi_INHindi
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