दशहरा के दिन जानें रावण की कुछ इच्छाएं, जो नहीं हो सकी पूरी


आज ही के दिन भगवान राम ने रावण को मार विजय पाई थी। दशहरा का पर्व हर जगह बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है।

आज पूरे देश में दशहरा मनाया जा रहा है। आज ही के दिन भगवान राम ने रावण को मार विजय पाई थी। दशहरा का पर्व हर जगह बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। रावण का जलना असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। लेकिन क्या आपको पता है रावण बहुत ज्ञानी था। लेकिन उसे अपने ऊपर बहुत घमंड था।

ये भी कहा जाता है कि उसका अंत उसकी बुराइयों की वजह से हुआ था। रावण भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था। वो सबसे बड़ा पूजारी था। रावण के जीवन में उसके बहुत लक्ष्य थे। इतना ही नहीं रावण की कुछ इच्छाएं भी थी, लेकिन उससे पहले ही उसका अंत हो गया था जिसकी वजह से उसकी इच्छाएं पूरी नहीं हो पाई थी। जानें कौन सी थी वो इच्छाएं-

  • रावण हमेशा से चाहता था जनता उसकी पूजा करें और भगवान राम की पूजा बंद कर दें लेकिन उसकी ये इच्छा कभी पूरी नहीं हुई।
  • रावण को सोने की चीजें बहुत प्रिय थी। वो चाहता था सोने की चीजों में खुशबू हो जिससे सोने की सुगंध के जरिए वो सोने को पा सके।
  • रावण चाहता था कि धरती से स्वर्ग तक की सीढ़ी हो जिससे लोग उन पर चलकर स्वर्ग जा सके। लेकिन रावण का ये सपना भी अधूरा रह गया।
  • रावण चाहता था कि शराब से आने वाली बदबू खत्म हो जाये जिससे सभी लोग शराब पी सके और उसका आनंद उठा सके।
  • रावण समुद्र के पानी को मीठा करना चाहता था जिससे पीने के पानी की समस्या खत्म हो जाए।
  • रावण का एक ये भी सपना था कि रक्त लाल रंग की जगह सफेद हो, जिससे उसे कोई देख न सके।
hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap