भाई को बचाने के लिए तेंदुए से लड़ गई बहन, राज्य सरकार की तरफ से मिलेगा अवॉर्ड


अक्सर लड़कों की तुलना में लड़कियों को कमजोर माना जाता है लेकिन लड़की किसी से भी पीछे नहीं है वो लड़कों के साथ हर चीज में कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं।

अक्सर लड़कों की तुलना में लड़कियों को कमजोर माना जाता है लेकिन लड़की किसी से भी पीछे नहीं है वो लड़कों के साथ हर चीज में कंधे से कंधा मिलाकर चलती हैं। यकीन नहीं आता तो हम आपको एक ऐसे वाक्य के बारे में बताएंगे जिसे सुन आप भी इस 11 साल की बच्ची की सराहना करेंगे और कहेंगे लड़कियां सबसे बहादुर होती है। बता दें, उत्तराखंड के बीरोंखााल क्षेत्र में एक 11 साल की बच्ची अपने चार साल के भाई को बचाने के लिए एक तेंदुए से लड़ गई।

बहादुर बच्ची ने अपने भाई को तो बचा लिया लेकिन खुद को नहीं बचा पाई। तेंदुए ने उस बच्ची को बुरी तरह घायल कर दिया है। बताया जा रहा है 11 साल की बच्ची अपने भाई के साथ अपने घर के बाहर खेल रही थी।

तभी एक तेंदुआ अचानक से आ गया और उसके भाई पर झपटने लगा। यहा देख 11 साल की बच्ची राखी अपने भाई को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई और बच्चे को कुछ नहीं होने दिया, लेकिन तेंदुए ने बच्ची को बुरी तरह जख्मी कर दिया। इसी बीच गांववाले वहां पहुंच गए और तेंदुए को भगा दिया वो बच्ची को पास के अस्तपाल में लेकर गए, जहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया।

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लेकिन दिल्ली पहुंचने पर एक सरकारी अस्पताल ने राखी को एडमिट करने से इनकार कर दिया। इसके बाद गांव वालों ने एक मंत्री से मदद की गुहार लगाई जिसके बाद राखी को राम मनोहर अस्पताल में भर्ती कराया गया। राखी का इलाज किया जा रहा है। तेंदुए के पंजों से राखी बुरी तरह घायल हो गई है।

राज्य सरकार की तरफ से बच्ची का नाम बहादुरी अवॉर्ड के लिए दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची बहुत बहादुर है उसे ये अवॉर्ड मिलना ही चाहिए। ये खबर आग की तरह फैल गई है लोग इस बच्ची के बारे में सुन उसकी बहादुरी की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।

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