प्लानिंग करके की गई थी कमलेश तिवारी की हत्या, महीनों पहले हत्यारों ने बदला था भेस


हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में लगातार एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं।

नई दिल्लीः हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में लगातार एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को शनिवार को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है। बाकी मुख्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। बताया जा रहा है हत्यारों ने कमलेश तिवारी की हत्या करने के लिए महीनों पहले ही हुलिया बदल लिया था।

ये लड़ाई तब शुरु हुई थी जब साल 2015 में कलेश तिवार ने पैगंबर साहब पर जो विवादित बयान दिया था उसी बयान के बाद सोशल मीडिया पर कुछ कट्टरपंथियों ने उनके खिलाफ मौत का फतवा जारी किया था। एटीएस नागपुर ने सैयद आसिम अली नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इतना ही नहीं सैयद आसिम के यूट्यूब पर कई वीडियो है।

एक वीडियो में वो कह रहा हैं कमलेश तिवारी अपनी मौत के करीब है, गुस्ताखी की सजा मौत है। इन वीडियो में वो बीजेपी, आरएसएस और हिंदू नेताओं के विरोध में टिप्पणी करते हुए नजर आ रहा है। इतना ही नहीं कमलेश तिवारी बयान देने के बाद जेल भी गए थे, लेकिन कुछ समय बाद वो रिहाय हो गए थे। उसके बाद कमलेश तिवारी ने फिर से बयान देते हुए कहा कि वो पैगंबर साहब पर फिल्म बनाने की सोच रहे हैं।

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इस बयान को सुनते ही सैयद भड़क गया था उस वक्त उसने साफ-साफ कहा था कि फिल्म बनाने वाले कमलेश फिल्म डायरेक्टर और फिल्म से जुड़े लोगों को सुन्नी यूथ विंग के मुजाहिदी सबक सिखा देंगे।

पुलिस की जांच के बाद बताया जा रहा है इस हत्या में सबसे बड़ा हाथ सैयद आसिम का था। एटीएस की छानबीन के बाद पुलिस को सैयद का एक और वीडियो मिला था जिसमें वो छत्तसीगढ़ के जंगलों में रस्सियों पर लटककर ट्रेनिंग कर रहा है, साथ ही बंदूक चलाते हुए जानवरों का शिकार कर रहा है। इस वीडियो को सैयद ने टाइटल दिया हैं वक्त आने पर तुम्हारा भी शिकार करेंगे।

पुलिस की जांच के बाद बताया जा रहा है कमलेश तिवारी की हत्याकांड में सभी आरोपी एक दूसरे से सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में थे। सभी आरोपी के खिलाफ पहले का एक भी केस दर्ज नहीं था। इस हत्या को अंजाम देने के लिए अशिफाक और मोइनुद्दीन ने अपना हुलिया बदला था। उन्होंने इस हत्या को करने के लिए हिंदू भेस धारण किया था। उन्होंने दाढ़ी कटवाकर हाथ में कलावा बांध लिया था, जिससे उन्हें कोई पहचान न सकें।

असफाक ने कमलेश तिवारी की छोटी-छोटी जानकारी फेसबुक पर बात करके पता लगाई थी। दोनों ने कमलेश तिवारी की हत्या को भगवा कलर का कुर्ता पहनकर अंजाम दिया। उसके बाद दोनों होटल में कपड़े बदलकर फरार हो गए। जांच के दायरे में अब सुन्नी यूथ विंग से जुड़े लोग हैं, जिसका चीफ सैयद आसिम अली है। नागपुर से यूपी पुलिस ने सैयद को ट्रांजिट रिमांड पर लिया है, एटीएस का दावा है कि जांच में अभी कई बड़े खुलासे होने वाले हैं।

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