यूपी पुलिस बुलाने के लिए 100 नही बल्कि ये नबंर करना होगा डायल


अब आपको एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के अलग- अलग नंबर याद रखने की जरुरत नही है, अब आप सिर्फ 112 नंबर डायल करके सभी इमरजेंसी सेवाओं की मदद ले सकेंगे।

इमरजेंसी पुलिस की मदद के लिए आप 100 नंबर डायल करते आ रहे है, लेकिन अब आपको 100 की जगह 112 नंबर डायल करना होगा, जी हां 26 अक्टूबर से यूपी पुलिस के इमरजेंसी हेल्पलाइन 100 से बदल कर 112 हो जाएगी,

बता दें की गृह मंत्री अमित शाह ने 20 सितंबर को देश की पहली एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली यानी ERSS को लॉंच किया था, सबसे पहले ये सेवा चंडीगढ़ में लॉन्च की थी, अब आपको एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के अलग- अलग नंबर याद रखने की जरुरत नही है, अब आप सिर्फ 112 नंबर डायल करके सभी इमरजेंसी सेवाओं की मदद ले सकेंगे।

इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम के तहत 112 कॉमन नंबर से सभी इमरजेंसी नंबर जैसे पुलिस 100, फायर 101, और एम्बुलेंस सेवाओं को जोड़ दिया गया है, साथ ही साथ वुमन हेल्पलाइन और सीएम हेल्पलाइन को भी 112 से जोड़ दिया गया है…..अब तक इमरजेंसी मदद के लिए 20 से ज्यादा आपात नंबर चल रहे थे, सितंबर में दिल्ली पुलिस का डायल 100 भी बदलकर 112 कर दिया गया है। बता दें कि दिल्ली में 25 सितंबर को 112 नंबर लागू हुआ था।

वैसे बताया जा रहा है कि 26 अक्टूबर को 112 इमरजेंसी सर्विस सेवा का ऐप भी लॉन्च किया जाएगा….112 सेवा में संबंधित इलाके के प्रभारी निरीक्षक द्वारा कार्रवाई पूरी करने के बाद उनके द्वारा ही पीड़ित की कॉल क्लोज की जाएगी. अभी तक मौक़े पर मौजूद पुलिस वाले ही कॉल क्लोज कर देते थे.

जानकारी के लिए बता दें कि भारत के अलावा दुनियाभर के तक़रीबन 80 देशों में आपात सेवा का नंबर 112 है, अब आप सोच रहे होंगे कि सबने 112 नबंर को ही क्यो चुना, इसके पीछे एक फैक्ट है।

दरअसल, 1972 में यूरोपियन कॉन्फ्रेंस ऑफ पोस्टल ऐंड टेलिकम्युनिकेशन (सीईपीटी) ने 112 नंबर को आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर बनाया था. टेलिफोन में 112 नंबर डायल करने में सबसे कम समय लगता है, जब यूरोपियन देशों में 112 को इमरजेंसी नंबर बनाया था तब चलते थे चकरघिन्नी वाले फोन, वही जिनमें उंगली फंसा के डायल करते थे, उस वक़्त इसे इसलिए इमरजेंसी नंबर बनाया गया था क्योंकि ये डायल स्ट्रोक में सबसे कम समय लेते थे, और जब से अब तक ये परंपरा जारी है।

hi_INHindi
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