जस्टिस बोबड़े का बयान, कहा जनवरी 2018 में जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस परेशान करने वाली घटना थी


भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों की जनवरी 2018 की प्रेस कॉन्फ्रेंस एक परेशान करने वाली घटना थी. अगले महीने CJI रंजन गोगोई के सेवानिवृत्त होने के बाद बोबडे अप्रैल 2021 तक सीजेआई रहेंगे. हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार बोबडे ने कहा प्रेस कॉन्फ्रेंस हम सभी के लिए बहुत परेशान करने वाली थी.

उन्होंने कहा ”मैंने सभी जजों को एक अदालत के रूप में देखा और लोगों को पता था कि दोनों पक्षों को क्या कहा जा रहा है. मैंने वही किया जो स्वाभाविक रूप से मेरे पास आया.”बोबडे ने कहा कि सभी न्यायाधीशों के बीच संबंध बेहतर थे. न्यायाधीश अक्सर अनौपचारिक रूप से एक दूसरे के साथ बातचीत करते हैं.

न्यायाधीशों के बीच भी कोई संवादहीनता नहीं है. उन्होंने कहा ”मैं सभी न्यायाधीशों को एक मानता हूं और वे सभी एक साथ सुप्रीम कोर्ट का प्रतिनिधित्व करते हैं.” जनवरी 2018 में गोगोई और जस्टिस मदन बी लोकुर, जास्ती चेलमेश्वर और कुरियन जोसेफ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ अभियोगों का उल्लंघन करने और अदालत के मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति देने के आरोप लगाए. जजों ने कहा था कि लोकतंत्र खतरे में है. गोगोई को छोड़कर सभी न्यायाधीश अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं.

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