तीस हजारी कोर्ट मामले में सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, ट्वीटर पर ट्रेंड हुआ #laywerVSpolice


तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस की झड़प का विवाद थमने का नाम नही ले रहा हैं, जहां एक तरफ पुलिस वर्दी उतार कर कोर्ट के बाहर प्रर्दशन कर रही हैं, वहीं वकीलों ने भी काम काज बंद कर रखा है, दिल्ली की अलग अलग अदालत परिसरों मे मीडिया और आम जनता के साथ भी मारपीट की गई हैं, झड़प के बाद देश के कई हिस्सों में पुलिस और वकील आमने सामने आ गए हैं,

इसके खिलाफ दिल्ली पुलिस के जवान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके तहत मंगलवार को दिल्ली पुलिस हेड क्वार्टर के बाहर खाकी वर्दी वाले इकट्टा हुए, हर तरफ यही मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।

इसी बीच उन दिना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिससे पूरे मामले को समझा जा सकता है, एक वकील पुलिस वैन के बगल में अपनी कार लगा देता है. बाद में एक पुलिसकर्मी उसके पास जाता है और वहां से कार हटाने को कहता है. दोनों के बीच पहले बहस होती है और फिर हाथापाई,

इसके बाद पुलिसवाला वकील को लॉकअप में डाल देता है. हालांकि वहां उससे किसी तरह की मारपीट नहीं होती है. कुछ देर बाद वकील को लॉकअप से छोड़ दिया जाता है और वो वहां से चला जाता है. कुछ देर बाद वकील अपने साथी वकीलों के साथ पुलिस के पास पहुंचता है और मारपीट की शुरुआत होती है.

ये छोटा सा मामला इतना बढ़ गया है कि जहां कोर्ट के बाहर पुलिस वर्सेस वकील चल रहा है तो सोशल मीडिया भी कैसे पीछे रह सकता है, सोशल मीडिया पर भी जंग झिड़ गई हैं, सोशल मीडिया यूजर्स भी अपने अपने सपोर्टर्स के लिए ट्वीटर पर उतर आए हैं।

ट्वीटर पर #laywervsdelhipolice टॉप ट्रेंड कर रहा है, यूजर्स इस हैशटेग साथ अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, कुछ लोग वकीलों को सपोर्ट कर रहे हैं तो कुछ यूजर्स पुलिस का समर्थन कर रहे हैं। और सपोर्ट मे धड़ाधड़ ट्वीट किए जा रहे हैं। एक यूजर ने वकीलों का सपोर्ट करते हुए पुलिस के खिलाफ ट्वीट में लिखा है- आज तक इन भ्रष्ट पुलिस वालों के गरीबों को पीटता देखा है, आज खुद पिटे को धरने पर बैठ गए।

इसके साथ ही एक और यूजर ने लिखा- जो पुलिस मानवधिकार की आज बात कर रही है यही पुलिस गाड़ी की चैकिंग के दौरान छोठी छोटी बातो पर आम जनता पर हाथ उठा देती है उनके पीटती है तब मानवधिकार कहा जाता है.मैं किसी गलत कार्य का समर्थन नही कर रहा परंतु सम्मान तो सबका होता है, चाहे राजा है या रंक।

और ऐसे ही तमाम ट्वीट यूजर्स ने पुलिस और वकीलों के सपोर्ट किए है को कईयो ने खिलाफ भी किए है, साथ ही कई यूजर्स ऐसे भी है जिन्होंने दोनों को सपोर्ट ना करने की मांग की है। वैसे कुछ आईपीएस पुलिस अफसरों ने भी ट्वीट कर पुलिस की नाराजगी के सही बताया है, पुलिसकर्मी का सवाल है कि बिना जांच किए उनके खिलाफ ऐक्शन हो गया जबकि हिंसा करने वाले वकीलों का कुछ नही हुआ।

बता दें कि आईटीओ स्थित दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मियों ने हमे न्याय चाहिए के नारे लगाए और कहा कि हमें असुरक्षा का एहसास हो रहा है, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमुल्य पटनायक ने का ‘आप सभी शांति बनाए रखें. सरकार और जनता को हमसे उम्मीदें हैं. हमारे लिए परीक्षा, अपेक्षा और प्रतीक्षा की घड़ी है. आप सभी ड्यूटी पर वापस जाए. इस मसले पर न्यायिक जांच चल रही है. हमें अनुशासन बनाए रखना है. पहले से हालात बेहतर हो रहे हैं.”

सम्पादक : केहकशा

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