शिवसेना नेता का बयान, अब नहीं रखा जाएगा कोई भी प्रस्ताव, जो तय था उसी पर होगी बात


महाराष्ट में सरकार बनाने को लेकर चल रहा घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने को लेकर जंग जारी है।

महाराष्ट में सरकार बनाने को लेकर चल रहा घमासान खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। बीजेपी और शिवसेना के बीच सरकार बनाने को लेकर जंग जारी है। सरकार बनाने की जंग के बीच शिवसेना ने एक बार फिर बीजेपी पर निशाना साधा है।

बता दें, शिवसेना नेता संजय राउत ने बयान दिया है कि मुख्यमंत्री पद के लिए जो सहमति बनी थी, वहीं रहेगी, उसी पर हमने चुनाव लड़ा था, उसी पर गठबंधन हुआ था। अब कोई प्रस्ताव ना आएगा, ना जाएगा, जो प्रस्ताव तय हुआ था सिर्फ उस पर ही बात होनी चाहिए।

इतना ही नहीं उन्होंने आगे ये भी कहा कि महाराष्ट में राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत पड़ती है, तो वो आम जनता के साथ अन्याय होगा। अगर महाराष्ट्र की जनता राष्ट्रपति का शासन चाहती है तो हम उसमें कुछ नहीं कर सकते। यहीं नहीं इससे पहले बीते दिन यानि 5 नवंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय स्वयं ,संघ आरएसएस चीफ मोहन भागवत से मुलाकात की थी, इस दौरान कार्यकारी प्रमुख भैयाजी जोशी व अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस चर्च में सरकार गठन को लेकर चर्चा हुई थी।

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम 13 दिन पहले ही आ गए थे लेकिन अभी तक महाराष्ट्र में सरकार का गठन नहीं किया गया है। बीजेपी और शिवसेना के बीच लगातार बयानबाजी हो रही है। शिवसेना चाहती है सरकार बनाने में 50-50 फॉर्मूले का इस्तेमाल हो लेकिन बीजेपी इस पर बिल्कुल भी सहमत नहीं है।

बता दें, शिवसेना चाहती है कि राज्य में ढाई-ढाई साल के लिए दोनों पार्टियों की सरकार बने, लेकिन बीजेपी इसपर बिल्कुल भी राजी नहीं है। बीजेपी चाहती है पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री और गृहमंत्री भाजपा का ही हो।

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