अयोध्या मामला: फैसले से पहले देश भर मे अलर्ट, सुरक्षा के चाक चौबंद से लेकर सोशल मीडिया पर पहरा


यूपी के अलावा अयोध्या से जुड़े किसी भी आयोजन पर रोक लगा दी गई है, इसके साथ ही अयोध्या से सटे जिले अंबेडकरनगर के कई स्कूलों में 8 अस्थायी जेल बनाई गई है,

कई सालों से चलता आ रहा अयोध्या जमीन विवाद अपने चर्म पर पहुंचने वाला है, कई सालों से लोगों फैसले के इंतजार में आस लगाए बैठे है, अब इस फैसले का अंतिम दिन आने वाला है, कुछ दिन में इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकता है,

फैसला किसके पक्ष में होगा ये तो फैसला आने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन फैसला आने के बाद देश के माहौल बिगड़ सकता है, क्योंकि अब तक देखा गया है कि इस मामले को लेकर कई विवाद खड़े हुए, हिंदू मुस्लिम पक्ष आमने सामने आए है, और भी कई तरह के मसले।

अब ऐसे में बेहतर यहीं होगा कि पहले से ही माहौल को कंट्रोल मे रखने के लिए तैयारियां कर ली जाए, जिसे लेकर उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों मे खास तैयारियां शुरु भी हो गई हैं, उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है, जानकारी के लिए बता दें कि 144 धारा शांति कायम करने के लिए लगाई जाती है, यानी जिस जगह भी यह धारा लगाई जाती है, वहां चार या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते हैं. इस धारा को लागू किए जाने के बाद उस स्थान पर हथियारों के लाने ले जाने पर भी रोक लगा दी जाती है।

यूपी के अलावा अयोध्या से जुड़े किसी भी आयोजन पर रोक लगा दी गई है, इसके साथ ही अयोध्या से सटे जिले अंबेडकरनगर के कई स्कूलों में 8 अस्थायी जेल बनाई गई है, उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने वक्फ बोर्ड की अधीन स्थानों जैसे इमामबाड़ा मस्जिद, दरगाह, कार्यालय, कब्रिस्तान, मजार आदि पर अयोध्या मसले को लेकर किसी प्रकार का भाषण या धरना-प्रदर्शन आयोजन करने पर रोक लगाई गई है. अगर कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस बाबत मुस्लिम संगठनों के कई पदाधिकारी, मौलवी और बुद्धिजीवियों के साथ बैठक भी की गई.

पीएम मोदी ने अपने सांसदों और मंत्रियों को क्षेत्र मे रहने का के साथ शांति कामय करने के निर्देश जारी किए है। पीएम मोदी ने कहा कि उकसाने वाली बयानबाजी नहीं होनी चाहिए. सभी नेता अयोध्या विवाद पर बेवजह बयान देने से बचें.

शहरों मे सुरक्षा व्यवस्थ्या बढ़ा दी गई है, इसके अलावा प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग शहरों में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर रहे है और शांति का संदेश दे रहे हैं, सभी की कोशिश यही है कि अयोध्या विवाद के फैसले के बाद देश में अमन कायम रहे,

अयोध्या में कई जिलों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है, उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लिया गया है, साथ ही हर जिले में लोगों की पहचान की जा रही है, जो सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ सकते हैं, योगी सरकार ने पुलिस प्रशासन के सभी अफसरों की छुट्टियां 30 नवंबर तक के लिए रद्द कर दी हैं. उन्हें मुख्यालय में ही रहने के निर्देश जारी किया है.

इन सब के बाद आता है सोशल मीडिया, क्योंकि इस समय सोशल मीडिया का देश के माहौल में शांति और अशांति फैलाने का सबसे बड़ा हाथ है, हर कोई सोशल मीडिया का यूज कर रहा है और अपने अपने विचार को शेयर करता रहता है, ऐसे में अपने अपने पक्ष के समर्थन मे लोग आपस में ही भिड़ जाते है, इसलिए यूपी में सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए टीम बना दी गई, ये टीम डीजीपी मुख्यालय बनाई गई है, इसकी अगुवाई साइबर क्राइम के आईजी अशोक कुमार सिंह कर रहे हैं। इस टीम की जिम्मेदारी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों को,

फैसले के खिलाफ या समर्थन में जश्न मनाने वाले पोस्ट या मैसेज भेजने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके साथ शहरों में अयोध्या से जुड़े कोई पोस्टर या बैनर नहीं लगाए जाएंगे. अयोध्या पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पर नजर रखने के लिए 16 हजार स्वयंसेवियों को तैनात किया है, जिसके चलते टीम ने पिछले 15-20 दिनों में 72 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

सम्पादक : केहकशा

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