महाराष्ट्र मे सरकार बनाने को लेकर जंग जारी, नही सुलझा विवाद तो टूट सकता है गठबंधन


महाराष्ट्र में सरकार गठबंधन को लेकर असमंजस बरकरार है, सरकार बनाने को लेकर अभी भी कुछ तय नही हुआ है,

शिवसेना और बीजेपी के बीच मुख्यमंत्री पद के बटवांरे को लेकर भी खींचतान जारी हैं, सूत्रों के मुताबिक अगर मामला जल्दी नही सुलझता है तो जल्द ही शिवसेना बीजेपी से गठबंधन तोड़ सकती है। इस बीच सेना भवन पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई में पार्टी नेताओं की अहम बैठक हो रही है. इस बैठक से पहले शिवसेना नेता गुलाबराव पाटिल ने कहा कि सीएम शिवसेना से होना चाहिए. हम उद्धव ठाकरे के आदेशों का इंतजाक कर रहे हैं. जब तक हमें बताया जाएगा, तब तक होटल में रहेंगे.

बता दें कि शिवसेना के विधायकों को होटल पहुंचा दिया गया है, और अगले दो दिन तक सभी विधायक होटल में ही रहेंगे, शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे गुरुवार देर रात को मुंबई के रंग शारदा होटल पहुंचे थे. इस होटल में शिवसेना के विधायक ठहरे हुए हैं. विधायकों के टूटने का डर झेल रही शिवसेना ने गुरुवार को अपने विधायकों को मुंबई के रंग शारदा होटल में रहने के लिए भेजा दिया है. ताकि विधायको की खरीद-फरोख्त ना की जा सके।

इधर, शिवसेना ने ये भी साफ कर दिया है कि बीजेपी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश में है, जहां एक तरफ शिवसेना है जो 50-50 फॉर्मूले के तहत सीएम पद पर अड़ी है, दूसरी ओर बीजेपी है जो सीएम पद शिवसेना से बांटना नहीं चाहती है, ऐसे में अगर कल तक सरकार बनाने को लेकर कोई फैसला नही आया तो राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है।

थोड़ी देर पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी…इस खींचतान के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जरूरत पड़ी तो मैं मध्यस्थता के लिए तैयार हूं. उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ हमने कभी भी मुख्यमंत्री पद के बंटवारे को लेकर बातचीत नहीं हूई थी. ढाई-ढाई साल सीएम पद का कोई वादा नहीं किया गया था, सीएम पद तो बीजेपी के पास ही रहेगा.

नितिन गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में सरकार बनेगी. हमने शिवसेना के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा और हम ही सरकार बनाएंगे. उन्होंने कहा कि बाला साहेब के समय भी सीएम पद को लेकर खींचतान हुई थी, तब हमने तय किया था कि जिसके सबसे अधिक विधायक होंगे, सीएम पद उसके ही खाते में जाएगा.

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 9 नवंबर को समाप्त हो रहा है. इसके बाद राज्यपाल को संवैधानिक पहलुओं पर विचार करना पड़ेगा, और इससे पहले ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच जो दांवपेच फंसा हुआ है, उसको सुलझाने के लिए सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कई बार कोशिश की लेकिन अब तक इस पर कोई फैसला नही लिया जा सका है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में बीजेपी राष्ट्रपति शासन लाना चाहती, तो अब देखना काफी दिलचस्प होगा कि शिवसेना और बीजेपी किस फैसले पर पहुंचती है।

सम्पादक : केहकशा

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