बीजेपी- शिवसेना की टूटी 30 साल पूरानी दोस्ती, अरविंद सावंत ने दिया इस्तीफा


इस्तीफा देने के बाद अरविंद ने कहा- अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच 50-50 का फोर्मूला तय हुआ था. बीजेपी ने बाद में इसे नकार दिया.

महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर पार्टियों नें गहमागहमी मची हुई है, चुनाव नतीजों के बाद सबसे बड़ी पार्टी बनक उभरी भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपास तो बता दिया है कि वो सरकर बनाने में सक्षम नहीं, ऐसें मे शिवसेना ने एनडीए से हाथ खींच लिए हैं और गठबंधन तोड़ दिया है, जिसके बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी एक्टिव हो गए हैं ।

महाराष्ट्र में जारी हलचल के बीच शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने इस्तीफा दे दिया है, अरविंद सावंत को मोदी सरकार में भारी उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली थी, इस्तीफा देने के बाद अरविंद ने कहा- अमित शाह और उद्धव ठाकरे के बीच 50-50 का फोर्मूला तय हुआ था. बीजेपी ने बाद में इसे नकार दिया. इससे हमारे अध्यक्ष की छवी को ठेस पहुंची, ठाकरे परिवार जो वजन देता है वो निभाता है, ऐसे झूठों के साथ हमें नही रहना है, ऐसे माहौल में मैं मंत्री बना रहूं यह नैतिकता के आधार पर सही नहीं लगता, इसलिए आज मैने अपना इस्तीफा सौंप दिया।

साथ ही बता दें कि सुत्रों के मुताबित शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिलनें पहुंचे है साथ ही सुत्रों के मुताबिक एक और खबरे सामने आई है कि सीएम के लिए आदित्य ठाकरे नहीं बल्कि उद्धव ठाकरे होंगे, आदित्य ठाकरें के नाम पर एनसीपी ने सहमति नही जताई है. वहीं एनसीपी ने डिप्टी सीएम पद और गृह मंत्रालय मांगा है, और अगर कांग्रेस सरकार में शामिल होती है तो डिप्टी सीएम पद उसे भी दिया जाएगा। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष हर हाल में कांग्रेस का ही होगा, चाहे समर्थन बाहर से हो या अंदर से।

सोनिया गांधी के घर हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी के बाद महाराष्ट्र प्रभारी मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमने स्थिति को लेकर चर्चा की है. शाम चार बजे महाराष्ट्र के नेताओं के साथ दोबारा चर्चा होगी, इसके बाद कोई फैसला होगा….वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने शिवसेना को समर्थन देने का मन बना लिया है, कांग्रेस फैसले के एलान में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती है.

एनसीपी कोर कमेटी की बैठक के बाद नवाब मलिक का कहना है कि- कांग्रेस के फैसले के बाद ही एनसीपी फैसला लेगी. क्योंकि हमने साथ में चुनाव लड़ा था इसलिए हमारा दायित्व बनता है कि जो भी निर्णय लें साथ में लें. कांग्रेस के निर्णय से पहले हम निर्णय नहीं लेंगे. चार बजे कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र के नेताओं के साथ बैठक करेगी, इसलिए हम इस बैठक के फैसले का इंतजार करेंगे. यह सच है कि विधायकों का कहना है कि हमें सरकार बनानी चाहिए लेकिन सारा फैसला कांग्रेस की बैठक के निर्णय पर टिका है. हमारी पार्टी वैकल्पिक सरकार के लिए तैयार हैं लेकिन कांग्रेस के साथ.

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