क्या महाराष्ट्र में लगने वाला है राष्ट्रपति शासन, मोदी कैबिनेट बैठक में होगा फैसला


महाराष्ट्र के राजमैतिक हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाने पर फैसला लिया जा सकता है, बताया जा रहा है कि कैबिनेट की अनुशंसा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजी जाएगी।

महाराष्ट्र में सत्ता का संघर्ष अब राष्ट्रपति शासन की ओर पहुंचता दिखाई दे रहा हैं, किसी भी दल को बहुमत न मिलने की वजह से 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में सरकार नही बन पाई है, इसके बाद मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कैबिनेट बैठक बुलाई है।

इस बैठक में महाराष्ट्र के राजमैतिक हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाने पर फैसला लिया जा सकता है, बताया जा रहा है कि कैबिनेट की अनुशंसा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजी जाएगी। इससे पहले महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने केंद्र और कानूनविदों से हालात पर कानूनी सलाह ली, इस सलाह के बाद राज्यपाल ने गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की. इस सिफारिश के विरोध में शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है, कल इस मामले में सुनवाई होगी.

इस बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केंद्र सरकार की आलोचना की हैं, संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि, संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला बहुत पहले हो चुका था. लेकिन माननीय राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट भेजने से पहले आज रात 8.30 बजे तक इंतजार करना चाहिए था, क्योंकि इस समयसीमा को उन्होंने ही तय किया था और एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था. पहली नजर में यह अवैध और असंवैधानिक दिखता है.

शिवसेना के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में दरख्वास्त की है कि उनकी याचिका पर आज ही सुनवाई की जाए. शिवसेना महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को भी चुनौती देने के लिए दूसरी याचिका तैयार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने अभी तक शिवसेना के वकीलों को ये नहीं बताया है कि उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई का फैसला लिया गया है या नहीं.

क्या महाराष्ट्र में लगने वाला है राष्ट्रपति शासन, मोदी कैबिनेट बैठक में होगा फैसला

महाराष्ट्र में सत्ता का संघर्ष अब राष्ट्रपति शासन की ओर पहुंचता दिखाई दे रहा हैं, किसी भी दल को बहुमत न मिलने की वजह से 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में सरकार नही बन पाई है, इसके बाद मोदी कैबिनेट ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में कैबिनेट बैठक बुलाई है।

इस बैठक में महाराष्ट्र के राजमैतिक हालात को देखते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लगाने पर फैसला लिया जा सकता है, बताया जा रहा है कि कैबिनेट की अनुशंसा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजी जाएगी। इससे पहले महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने केंद्र और कानूनविदों से हालात पर कानूनी सलाह ली, इस सलाह के बाद राज्यपाल ने गृह मंत्रालय को राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की. इस सिफारिश के विरोध में शिवसेना सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है, कल इस मामले में सुनवाई होगी.

इस बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने केंद्र सरकार की आलोचना की हैं, संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि, संजय निरुपम ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला बहुत पहले हो चुका था. लेकिन माननीय राज्यपाल को अपनी रिपोर्ट भेजने से पहले आज रात 8.30 बजे तक इंतजार करना चाहिए था, क्योंकि इस समयसीमा को उन्होंने ही तय किया था और एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया था. पहली नजर में यह अवैध और असंवैधानिक दिखता है.

शिवसेना के वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में दरख्वास्त की है कि उनकी याचिका पर आज ही सुनवाई की जाए. शिवसेना महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश को भी चुनौती देने के लिए दूसरी याचिका तैयार कर रही है. सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने अभी तक शिवसेना के वकीलों को ये नहीं बताया है कि उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई का फैसला लिया गया है या नहीं.

hi_INHindi
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