शिव सेना का बयान, अब नहीं चाहिए सरकार बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से और टाइम


कल पार्टी ने इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत का रुख किया था लेकिन मामले में वह तत्काल सुनवाई करने में विफल रही.

शिवसेना का कहना है कि अब वह महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को चुनौती नहीं देगी. कल पार्टी ने इस मुद्दे पर शीर्ष अदालत का रुख किया था लेकिन मामले में वह तत्काल सुनवाई करने में विफल रही. रिपोर्ट के अनुसार शिवसेना के सूत्रों ने कहा कि वह विचार कर रही है कि याचिका को दबाया जाए या राष्ट्रपति शासन के खिलाफ नई याचिका दायर की जाए.

उन्होंने कहा याचिका पेश करने के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया है. इसलिए हम विचार कर रहे हैं कि मौजूदा याचिका को दबाया जाए या राष्ट्रपति शासन के खिलाफ नई याचिका दायर की जाए. इस मामले में फैसला आज लिया जा सकता है. मंगलवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने के लिए सिर्फ 24 घंटे का समय दिया.

ठाकरे ने कहा कि अब राज्यपाल ने उन्हें राज्य में सरकार बनाने के लिए 6 महीने का समय दे दिया है और वह अब भी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना सकते हैं. 288 सदस्यों वाले महाराष्ट्र सदन में भाजपा के पास 105, शिवसेना के 56, एनसीपी के 54 और कांग्रेस के 44 विधायक हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण कदम था. कई संवैधानिक विशेषज्ञों ने महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा राष्ट्रपति शासन लगाने के कदम को असंवैधानिक बताया है. उन्होंने राज्यपाल कोशियारी पर केंद्र सरकार के इशारों पर चलने का आरोप लगाया है. राज्यपाल ने भाजपा को 48 घंटे दिए जाने के बाद, उन्हें भी शिवसेना को 48 घंटे देने चाहिए थे. इसके बजाय उन्होंने शिवसेना को केवल 24 घंटे दिए, जो अनुचित था.

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