राफेल समीक्षा याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज


राफेल मामले में अख़बार द हिन्दू ने कई ऐसे दस्तावेजों को छापा था, जिमसें सरकार द्वारा इस सौदे में समांतर बातचीत की बात सामने आयी थी.

मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली तीन न्यायाधीशों वाली पीठ ने गुरुवार को राफेल पर फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनमें मेरिट की कमी है. पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह द्वारा यह याचिकाएं दायर की गई थी.

इन याचिकाओं में सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट द्वारा 14 दिसंबर 2018 को दिए फैसले की समीक्षा करने की अपील की गई है. भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस के कौल और के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन-न्यायाधीश पीठ ने 10 मई को समीक्षा याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था.

इस मामले में विपक्ष ने आरोप लगाया था कि फ्रांस के डसॉल्ट एविएशन द्वारा निर्मित राफेल विमानों का सौदा वर्तमान भारत सरकार ने यूपीए सरकार द्वारा तय की 126 विमानों की तुलना ज्यादा कीमतों पर किया. अप्रैल 2015 में फ्रांस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 36 राफेल विमान खरीदने की भारत की मंशा की घोषणा की गई थी.

14 दिसंबर 2018 के फैसले में SC ने क्या कहा?

अदालत के समक्ष चार याचिकाएं दायर की गई थी. इनमें वकील एम एल शर्मा, विनीत ढांडा, संजय सिंह और यशवंत सिन्हा, शौरी और प्रशांत भूषण की याचिका शामिल थी. इन याचिकाओं में निर्णय लेने की प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण और ऑफसेट पार्टनर के चयन पर सवाल उठाया गया था. सभी याचिकाओं को खारिज करते हुए बेंच ने कहा कि उसने किसी भी हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं देखा है. इस सौदे में अदालत की निगरानी वाली जांच के लिए याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसमें यह साबित किया गया कि व्यावसायिक रूप से किसी का पक्ष लिया गया था.

यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और प्रशांत सिन्हा द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ले 14 दिसंबर 2018 के फैसले में कई त्रुटियां थीं और यह अदालत द्वारा एक सीलबंद कवर में सरकार द्वारा दिए गए एक गलत दावों पर निर्भर था. अख़बार द हिन्दू ने कई ऐसे दस्तावेजों को छापा था, जिमसें सरकार द्वारा इस सौदे में समांतर बातचीत की बात सामने आयी थी.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap