वेंडरों का बकाया न चुकाने के चलते स्टार्टअप दूधवाला पर केस दर्ज


वेंडरों के एक समूह ने मिल्क डिलीवरी स्टार्टप दूधवाला के संस्थापकों आकाश अग्रवाल और अब्राहिम अकबरी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है. मिंट ने अपनी रिपोर्ट में Inc42 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि स्टार्टअप पर उनका करोड़ों का बकाया है. दूधवाला ने अपने कारोबार को बनाए रखने में असमर्थ होने के बाद पिछले महीने अपना परिचालन बंद कर दिया था. बेंगलुरु के उल्सूर पुलिस स्टेशन में अब संस्थापकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.

Inc42 की रिपोर्ट के अनुसार दूधवाला पर कथित रूप से लगभग 30-35 विक्रेताओं के 6-7 करोड़ रुपये का बकाया है. कुछ विक्रेताओं ने बकाया भुगतान के कारण सितंबर में कंपनी को उत्पादों की आपूर्ति बंद कर दी. विक्रेताओं का आरोप है कि अग्रवाल और अकबरी फरार हो गए हैं क्योंकि उनके फोन बंद हैं और वे बेंगलुरु में अपने आवासीय पते पर उपलब्ध नहीं हैं. उनका यह भी दावा है कि स्टार्टअप ने अक्टूबर में अपना कॉल सेंटर बंद कर दिया और कंपनी के प्रतिनिधियों तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है.

पैसे पाने में असमर्थ कुछ विक्रेताओं ने सितंबर में कंपनी को अवैतनिक बकाया के कारण उत्पादों की आपूर्ति बंद कर दी. अक्टूबर में दूधवाला ने कहा कि वह अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण अपनी सेवाएं बंद कर रहा है. अपनी वेबसाइट पर एक अपडेट में को-फाउंडर और सीईओ अकबरी ने कहा कि एफटीएचडीली के माध्यम से फ्रेश टू होम बेंगलुरु में दूधवाला के ग्राहक आधार की सेवा जारी रखेगा.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap