फिल्म ‘पानीपत’ के विरोध में उतरे मंत्री और सांसद, फिल्म से विवादित सीन हटाने की कर रहे है मांग


संजय दत्त और अर्जुन कपूर स्टारर फिल्म पानीपत को लेकर विवाद थमने का नाम नही ले रहा है, हालांकि फिल्म रीलिज हो गई है लेकिन लोग अभी भी फिल्म के कई किरदारों पर सवाल उठा रहे है, रणवीर सिंह की फिल्म पदमावत की तरह इस फिल्म को लेकर भी कई लोग विरोध जता रहे है कि इस फिल्म में भारतीय इतिहास के साथ छेड़छाड की गई है।

अभी कुछ दिन पहले पानीपत में अहमद शाह अबदाली का रोल निभा रहे संयज दत्त के किरदार को लेकर धमकी दी गई थी, और अब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और सासंद हनुमान बेनीवाल ने फिल्म पानीपत में भरतपुर के पूर्व महाराजा सूरजमल के किरदार को कथित तौर पर गलत तरीके से फिल्माए जाने की निन्दा की है, पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने ट्वीट कर कहा है कि- स्वाभिमानी, निष्ठावान और ह्दय सम्राट महाराजा सूरजमल का फिल्म पानीपत में किया गया गलत चित्रण निंदनीय है।

पर्यटक मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने फिल्म पानीपत पर प्रतिबंध लगाने की मांग तक की हैं विश्वेन्द्र ने मांग करते हुए रविवार को कहा, मेरा मानना है कि हरियाणा, राजस्थान और उत्तर भारत के जाट समुदाय में भारी रोष को देखते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए अन्यथा कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती हैं, सिंह ने ट्वीट में कहा कि यह अत्यंत दुख की बात है कि ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ करते हुए भरतपुर के महाराजा सूरजमल जाट जैसे महान पुरुष का चित्रंण पानीपत फिल्म में बेहद गलत तरीके से किया गया हैं।

सिंह ने आगे कहा कि- मैं महाराजा सूरजमल जाट की 14वीं पीढ़ी से हूं, वास्तविकता ये है कि पेशवा और मराठा जब पानीपत युद्ध हारकर और घायल होतर लौट रहे थे तो महाराजा सूरजमल और महारानी किशोरी ने छह माह तक सभी मराठा और पेशवाओं को अपने यहां पनाह दी थी, गांब में उनकी छतरी बनी हुई है।

पर्यटन मंत्री आगे बताते हुए कहा कि समिति बनाई जानी चाहिए जो यह देखे कि यदि किसी वंश या महान व्यक्ति पर अगर कोई फिल्म बनाई जाती है तो ऐसी फिल्म को रिलीज करने से पहले उसके परिजनों और समाज से अनुमति ली जाए।

नागौर के सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी फिल्म ‘पानीपत’ में सूरजमल के चित्रण का विरोध करते हुए ट्वीट कर अपना विरोध जताया है, बेनीवाल ने अपने ट्वीट में लिखा है कि- फिल्म में महाराजा सूरजमल के महान व्यक्तित्व को मजाकिया जैसा दिखाना राजस्थान की अस्मिता के साथ मजाक है, आखिर बार-बार क्यों फिल्मों में हमारे महान इतिहास का मजाक बनाया जाचा है, सेंसर बोर्ड अपनी जिम्मेदारी समझे और फिल्म से विवादित दृश्य हटाए।

उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में इतिहास को ग़लत तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करने से समाज में रोष है. सूरजमल एक महान अजेय योद्धा थे. फ़िल्म निर्माताओं और सेंसर बोर्ड से अपील है कि जल्द से जल्द विवादित दृश्यों को हटाया जाए. बता दें कि विरोध इतना बढ़ चुका हैं कि जाट नेता नेम सिंह फौजदार ने शनिवार को सैकड़ों लोगों के साथ भरतपुर के सूरजमल चौराहे पर प्रदर्शन कर फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर का पुतला फूंके। वैल अब देखना ये होगा कि ये विवाद और क्या मोड़ लेता हैं। आपकी इस पूरी फिल्म को लेकर क्या राय कमेंट सेक्शन में जरुर दें साथ ही हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।

hi_INHindi
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