पहाड़ियों पर होने वाली है हड्डियों को कंपा देने वाली तूफानी बर्फबारी और झमाझम बारिश


जब किसी क्षेत्र में सामान्य से अधिकतम तापमान छह डिग्री हो जाने पर कोल्ड डे कंडीशन कहा जाता है. इस अवधि में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम होना चाहिए. लेकिन राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में इन दिनों न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम ही बना हुआ है. जिससे ये हड्डियों को कंपा देने वाली ठंड होगी. वहीं कुछ लोग इस बर्फबारी में मज़ा भी उठाएंगे.

जिला प्रशासन हुआ सतर्क
आपको बता दें कि, मौसम विभाग की ओर से उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय जनपदों अल्मोड़ा, बागेश्वर, चंपावत, देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल तथा पिथौरागढ़ में भारी बर्फबारी के साथ ही बारिश होने की संभावना बनी हुई है.वहीं मैदानी इलाकों में जबरदस्त शीतलहर की आशंका को लेकर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है.

खाद्य गोदामों में हो राशन की व्यवस्था
अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बीर सिंह ने सभी विभागों को एडवाइजरी दी है कि शीतलहर के मद्देनजर खाद्य गोदामों में राशन की पर्याप्त व्यवस्था कर ली जाए, बुदियाल ने अधिकारियों के साथ बैठक की है और बर्फबारी को लेकर सावधानी बरतने से संबधित तमाम जानकारी दी है.

निराश्रित एवं असहाय के लिए की जाए व्यवस्था
अपर जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बीर सिंह का कहना है कि शीतलहर के प्रकोप से लोगों को बचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों मसलन धर्मशालाओं, रैनबसेरों, मुसाफिर खाना, पड़ावों, सराय, चौराहा, रेल एवं बस स्टेशनों पर आवश्यकतानुसार अलाव जलाने की व्यवस्था कर दी जाए. जिससे शीतलहर के दौरान निराश्रित एवं असहाय लोगों को ठंड से बचाया जा सके.

बर्फबारी होने से पहले मरम्मत की प्रक्रिया शुरू
नि:शुल्क कंबलों के वितरण की व्यवस्था की जा रही है. बर्फबारी या बारिश के दौरान बिजली एवं पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में इनकी तत्काल मरम्मत कराई जाएगी. भूस्खलन की स्थिति में अत्यधिक सतर्कता बरतने के साथ ही क्षतिग्रस्त मार्गों की भी मरम्मत कराई जाएगी ताकि यातायात न बंद हो, उपजिलाधिकारियों को लेखपालों के जरिये हरेक क्षेत्र पर निगरानी रखनें के लिए बोला गया है।

hi_INHindi
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