मिस यूनिवर्स का ताज अपने नाम कर 90 सुदंरियों को दी है मात


हाल ही में साउथ अफ्रीका में मिस यूनिवर्स की प्रतियोगिता हुई थी जिसमें खिताब जीतने वाली साउथ अफ्रीका की ही जोजिबिनी टूंजी ने अपने नाम कर लिया है.

इस प्रतियोगिता में करीब 90 लड़कियों ने भाग लिया था जिनमें से सिर्फ 20 लड़कियां सेमीफाइनल में पहुंची थी. इन 20 लड़कियों में भारत की वर्तिका सिंह भी शामिल थी जो लखनऊ से है. आपको बता दें कि जोजिबिनी ने 90 सुंदरियों को पछाड़कर मिस यूनिवर्स का ताज अपने नाम कर लिया.

जोजिबिनी का जबाव
जजों द्वारा जोजिबिनी से पूछा गया था, कि आज के जमाने में युवा लड़कियों को क्या सिखाना ज्यादा जरूरी है. जोजिबिनी ने कहा कि आज के जमाने में युवा लड़कियों को लीडरशिप सिखाना बहुत जरूरी है.

महिलाओं में दिखी लीडरशिप की कमी
जोजिबिनी ने कहा कि चाहे वो युवा लड़कियां हो या महिलाएं, इनमें अक्सर ही लीडरशिप की कमी देखी जाती है. ऐसा नहीं है कि महिलाएं आगे नहीं आना चाहतीं बल्कि ऐसा इसलिए है क्योंकि समाज उन्हें इतने मौके नहीं देता है.

समाज महिलाओं को आने दें आगे
जोजिबिनी ने कहा, महिलाएं दुनिया में सबसे शक्तिशाली हैं और उन्हें हर तरह के अवसर दिए जाने चाहिए. समाज में अपने लिए जगह बनाने से ज्यादा जरूरी किसी भी लड़की के लिए कुछ नहीं हो सकता.

क्या करती है जोजिबिनी
जोजिबिनी टोस्लो से हैं और वो लैंगिग भेदभाव से जुड़ी हिंसा के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं. जोजिबिनी ने केप पेनिनसुला युनिवर्सिटी ऑफ टेक्‍नोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है. जोजिबिनी ने इमेज मैनेजमेंट और पब्लिक रिलेशंस में भी ग्रेजुएशन किया है.

सबसे ज़रूरी है पढ़ाई
26 साल की जोजिबिनी अपनी तीन बहनों में से एक हैं. जोजिबिनी के घर में पढ़ाई को बहुत महत्व दिया जाता है. जोजिबिनी की मां एक स्कूल में प्रिंसिपल हैं वहीं उनके पिता भी हायर एजूकेशन एंड ट्रेनिंग डिपार्टमेंट में काम करते हैं.

बढ़ाती है महिलाओं का हौंसला
जोजिबिनी हमेशा नेचुरल ब्यूटी की वकालत करने के लिए जानी जाती हैं. वो महिलाओं को खुद से प्यार करने के लिए प्रोत्साहित करती हैं. इसके अलावा जोजिबिनी को पढ़ने का और म्युजिक सुनने का बहुत शौक है. उन्हें टीवी सीरीज ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ बहुत पसंद है.

माता-पिता के कदमों पर चलना जानती है जोजिबिनी
जोजिबिनी अपने परिवार से बहुत प्यार करती हैं और उनसे बढ़कर जोजिबिनी के लिए कोई नहीं हैं. जोजिबिनी का कहना है, मेरी मां ने मुझे लोगों के प्रति दया भाव रखने और विनम्र होने का महत्व सिखाया और मेरे पिता ने मुझे शिक्षा, कड़ी मेहनत और अनुशासन का महत्व सिखाया.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap