12 साल राजधानी जयपुर को दहलाने वाले चार दोषियों को मिली फांसी की सजा


12 साल पहले हुए बम धमाकों से पूरा जयपुर शहर कांप उठा था. उस खौफनाक मंजर को याद कर आज भी लोग सहम जाते हैं.

आपको बता दें साल 2008 में साइकिलों में बम लगाकर आठ जगह अलग-अलग स्थानों पर हमला किया था जिसमें कई लोग घायल हो गए थे और कई लोग मौत के मुंह में समा गए थे. इस ब्लास्ट में दोषी पाए गए ग्यारह आरोपियों में से मुख्य चार दोषियों को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है.

चारों आरोपियों के नाम
2008 में जयपुर में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के मामले में अदालत ने चारों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है. इन दोषियों में सैफुर रहमान, सरवर आजमी, सलमान और मोहम्मद सैफ शामिल है. इससे पहले अदालत ने 18 दिसंबर को सुनवाई करते हुए इन चारों आरोपियों को इस मामले में दोषी करार दिया था.

लगातार हुए 8 धमाके
बता दें कि वो 13 मई 2008 का दिन था. जयपुर शहर रोज की तरह गुलजार था. पूरा दिन आराम से गुजर गया था. दिन ढलता जा रहा था. जयपुर शहर को शाम अपनी आगोश में लेती जा रही थी. अचानक एक धमाके ने राजधानी जयपुर को दहला कर रख दिया. इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते एक बाद एक अलग-अलग जगहों पर लगातार 8 धमाकों ने पूरे जयपुर शहर को दहल दिया.

खौफनाक मंजर
हैरानी की बात ये थी कि महज 12 मिनट की अवधि के भीतर जयपुर शहर की घनी आबादी वाले 8 स्थानों पर बम धमाके हुए थे. जबकि एक बम को नष्ट किया गया था. धमाकों की जगह पर खौफनाक मंजर था. हर तरफ धूल का गुबार था. ज़मीन खून से लाल थी. हर तरफ लाशें बिखरी पड़ी थीं. हर जगह हाहाकार मचा हुआ था. लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. घायल लोग तड़प रहे थे. वो मंजर देखकर लोग सहम गए थे.

हवामहल के आस-पास थे धमाके
इन सिलसिलेवार धमाकों में कुल मिलाकर 71 लोग मारे गए थे. ये सारे धमाके हवा महल के आस-पास के इलाकों में किए गए थे. ये धमाके त्रिपोलिया बाजार, जौहरी बाजार, माणक चौक, बड़ी चोपड़ और छोटी चोपड़ पर हुए थे. इन धमाकों में करीब 176 लोग घायल हो गए थे. जिनको उपचार के लिए अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया था.

बम धमाका का निकाला था नया तरीका
आतंकियों ने इन धमाकों को अंजाम देने के लिए नया तरीका निकाला था. सभी बम साइकिलों में लगाए गए थे. ये साइकिलें टारगेट किए गए इलाकों में खड़ी कर दी गई थीं. ये सभी इलाके ऐसे थे, जहां आम लोगों के साथ-साथ विदेशी पर्यटक भी भारी संख्या में आते हैं.

दो किलोमीटर की दूरी पर हुए थे धमाके
ये सभी सिलसिलेवार धमाके दो किलोमीटर के दायरे में हुए थे. राजस्थान के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक ए.एस. गिल ने कहा था कि यह आतंकवादी हमला था. उस दिन सिलसिलेवार धमाकों के बाद काफी देर तक जयपुर शहर की मोबाइल और टेलीफोन लाइनें जाम हो गईं थीं.

11 में से 3 दोषी अभी भी है फरार
जयपुर ब्लास्ट मामले में एटीएस ने 11 आतंकियों को नामजद किया था. इस मामले में पांच आरोपियों को एटीएस राजस्थान ने गिरफ्तार कर लिया था. वहीं हैदराबाद पुलिस ने इस मामले से जुड़े दो आंतकियों को गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी एक आतंकी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की थी. वहीं तीन आरोपी मामले में अभी भी फरार है.

hi_INHindi
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