डब्ल्यूएचओ की वैश्विक तंबाकू रिपोर्ट में पाया गया धूम्रपान तंबाकू खाने वालों की संख्या में आई है भारी गिरावट


वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाजेशन ने अपनी रिपोर्ट मे दावा किया है कि 19 सालों बाद पुरूषों ने धूम्रपान कम कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्मोकिंग और तंबाकू खाने वाले पुरूषों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

सरकार का परिश्रम लाई रंग
आपको बता दें कि, इस तरह का परिवर्तन कई सालों बाद नजर आया है. डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि वैश्विक तौर पर स्मोकिंग के ट्रेड में ये बड़ा परिवर्तन सरकार के परिश्रम को दर्शाता है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार सरकार ने जिस तरह से लोगों की जिंदगी को बचाने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए धूम्रपान और तंबाकू पर रोक लगाई है वह सच में काबिले तारीफ है.

मौत की वजह सेकेंड हैंड स्मोक
डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल ने रिपोर्ट को देखते हुए कहा है कि तंबाकू इंडस्ट्री को लेकर सरकार की सख्ती ने इस ओर पुरुषों की संख्या को कम किया है. WHO डेटा के अनुसार, हर साल तंबाकू का इस्तेमाल करने से 80 लाख लोगों की मौत होती है. इनमें से 70 लाख लोगों की मौत सीधे रूप से तंबाकू का सेवन करने से होती है जबकि करीब 1 लाख 20 हजार लोगों की मौत सेकेंड हैंड स्मोक की वजह से होती है.

2000 में थी 13 करोड़ संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, साल 2018 में दुनियाभर में करीब 6 करोड़ लोगों ने स्मोकिंग या फिर तंबाकू का सेवन किया जबकि साल 2000 में ये संख्या 13 करोड़ के आसपास थी. साल 2000 की तुलना में 2018 में आंकड़ों में गिरावट आई है बता दें कि, 2018 की तुलना में 2020 तक तंबाकू सेवन करने वाले पुरुषों की संख्या 1 करोड़ तक पहुंचने की आशंका है जो कि 2018 में 6 करोड़ थी.

अभी तक नहीं हुई इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की गिनती
वहीं 2025 तक इस संख्या में 2.7 करोड़ की और अधिक कमी दर्ज की जा सकती है. डब्ल्यूएचओ की वैश्विक तंबाकू रिपोर्ट में सिगरेट, पाइप, सिगार, वाटरपाइप, धुआं रहित तंबाकू उत्पाद जैसे बीड़ी और चेरूट और गर्म तंबाकू उत्पादों का उपयोग शामिल है लेकिन डब्ल्यूएचओ ने तंबाकू उत्पादों की तुलना में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की गिनती नहीं की है.

hi_INHindi
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