Solar Eclipse : साल का आखरी सूर्य ला सकता है भारी तबाही, भारी बारिश और भूकंप की आशंका


इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 26 दिसंबर यानी गुरुवार को लगेगा. ये सूर्य ग्रहण (Soar Eclipse) देश के लगभग सभी भागों में दिखाई देगा.

इस बार का सूर्य ग्रहण वलयाकार होगा. इसका मतलब ये है कि आप ग्रहण काल में सूर्य को एक चमकदार रिंग यानी वलयाकार के रुप में देख सकेंगे. इस साल के आखिरी ग्रहण के बारे में ज्योतिषाचार्य तमाम तरह की भविष्यवाणी कर रहे हैं. जिनके मुताबिक, पृथ्वी (Earth) और राशियों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है. हालांकि कुछ राशियों पर इस सूर्य ग्रहण का अच्छा प्रभाव भी पड़ेगा.

गुरुवार, 26 दिसंबर की सुबह 8 बजे से ग्रहण काल शुरू हो जाएगा. ये ग्रहण सुबह 10:48 बजे तक रहेगा. वैसे पूरा ग्रहण काल एक बजकर 36 मिनट का रहेगा. यानी इस बार ग्रहण काल 5 घंटा 36 मिनट का रहेगा. इस ग्रहण को दक्षिण भारत में ठीक से देखा जा सकेगा. इस दौरान सूर्य किसी चमकदार अंगूठी की तरह दिखाई देगा. ग्रहण से पहले सूतक काल शुरु होगा. इस दौरान गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाता है. साथ ही सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा पाठ करना भी शुभ माना जाता है. ग्रहण से पहे सूतक काल शुरु होगा. जो 25 दिसंबर की रात रात 8 बजे से लगेगा.

इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव कन्या, तुला और कुंभ राशि पर पड़ेगा जिससे इन्हें शुभ फल का प्राप्ति होगी. जिससे उनकी पर्सनल लाइफ और प्रोफेशनल लाइफ में तरक्की होगी. साथ ही पदोन्नति पर भी इसका असर दिखाई देगा. वहीं कर्क, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातकों को इस ग्रहण से कष्ट मिलने की संभावना है. साथ ही स्वास्थ्य, आर्थिक हानि और तनाव जैसे संकट का कारक बन सकता है. इसके अलावा अन्य राशियों पर भी मध्यम स्तर का ग्रहण प्रभाव दिखाई दे सकता है. इसके अलावा धन खर्च, संपन्न हो रहे कार्यों में बाधा जैसे प्रभाव भी इस सूर्य ग्रहण से पड़ सकते हैं.

बता दें कि साल के आखिरी सूर्य ग्रहण का प्रभाव भारत के अलावा पूर्वी यूरोप, एशिया, उत्तरी/पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी अफ्रीका में दिखाई देगा. साथ ही अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और पूर्वी एशिया के बड़े हिस्से में इस ग्रहण को ठीक से देखा जा सकेगा. इसके साथ ही इस सूर्य ग्रहण से पृथ्वी पर कई तरह की प्राकृतिक आपदाएं आने की संभावना है. जिनमें भूकंप, सुनामी और बर्फबारी का खतरा शामिल है.

ज्योतिष गणना के मुताबिक, ग्रहण से ठीक एक दिन पहले पौष माह में मंगल राशि परिवर्तन करके जल-तत्व की राशि वृश्चिक में प्रवेश करेगी. ऐसी स्थिति में किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा होने की संभावना होती है. बता दें कि इस सूर्य ग्रहण के 3 से 15 दिनों के भीतर भूकंप, सुनामी और भारी बर्फबारी होने की संभावना है.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap