आज मोदी कैबिनेट लगा सकती है NPR के प्रस्ताव पर अपनी मुहर


नागरिकता कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को लेकर देश में मचे बवाल के बीच आज मोदी सरकार(Modi Government) एक और बड़े कदम की तैयारी कर रही है.

आज सुबह 10.30 बजे मोदी कैबिनेट की एक अहम बैठक होने जा रही है. माना जा रहा है कि इस बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर(National Population Register) यानि NPR को मंजूरी मिल सकती है.

NPR क्या है? 
राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर या NPR देश के आम निवासियों का दस्तावेज है. नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के अनुसार यह NPR का रजिस्टर स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा. कोई भी निवासी 6 महीने या इससे अधिक समय से कहीं भी निवास कर रहा है, उस व्यक्ति को NPR में पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा.

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर या NPR देश के आम निवासियों का दस्तावेज है. नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों के अनुसार यह NPR का रजिस्टर स्थानीय, उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जाएगा. कोई भी निवासी 6 महीने या इससे अधिक समय से कहीं भी निवास कर रहा है, उस व्यक्ति को NPR में पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा.

देश में पिछले कुछ दिनोंं से CAA और NRC का विरोध हो रहा है. इसे लेकर राजधानी दिल्ली समेत देश के कई इलाकों में कहीं शांतिपूर्ण तो कहीं हिंसा प्रदर्शन हो रहा है. ऐसे ही NPR का भी विरोध हो रहा है. पश्चिम बंगाल और केरल में खासकर इसका विरोध हो रहा है. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने राज्य में एनपीआर पर जारी काम रोक दिया है.

वहीं, केरल सरकार ने भी NPR की कार्यवाही रोकने का आदेश दिया है. केरल की लेफ्ट सरकार का कहना है कि एनपीआर के जरिए मोदी सरकार जबरन एनआरसी लागू करवाएगी. बता दें कि देश के नागरिकों की पहचान का डेटाबेस जमा करने के लिए साल केंद्र सरकार ने साल 2010 में इसकी शुरुआत की थी.

इसके बाद साल 2016 में मोदी सरकार ने इसे जारी किया था. गृह मंत्रालय ने कैबिनेट से 3,941 करोड़ रुपये की मांग NPR के लिए की है. NPR का मुख्य उद्देश्य भारत में रहने वाले नागरिकों का व्यापक पहचान डेटाबेस बनाना है. NPR में नागरिकों की जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी.

hi_INHindi
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