बच्चों की खुशी के लिए खरीदे गए आयातित खिलौने होते हैं बेहद खतरनाक


दुनिया का हर शख्स अपने बच्चों के खेलने के लिए या उन्हें बहलाने के लिए खिलौने खरीदता है.

घर का हर सदस्य अपने बच्चों की खुशी के लिए खिलौना खरीदता है लेकिन शायद ये बहुत कम लोगों को पता होगा कि बच्चों की खुशी के लिए खरीदें गए खिलौने कहीं लेने के देने न पड़ जाएं. तो जानिएगा कि ऐसा क्या हो सकता है इन खिलौने से।

क्यूसीआई परीक्षण में हुआ खुलासा
भारत में करीब 67 फीसदी आयातित खिलौने बच्चों के लिए खतरनाक है. क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया(क्यूसीआई) के परीक्षण में इसका खुलासा हुआ है. सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार आयातित खिलौनों में से 66.90 प्रतिशत खिलौने परीक्षण में फेल हो गए. केवल 33.10 फीसदी पास हुए हैं.

खिलौने को जांच के लिए भेजा गया था लैब में
क्यूसीआई ने दिल्ली और एनसीआर के बाजार में उपलब्ध खिलौने पर परीक्षण किया था. अधिकारियों ने बाजार में उपलब्ध 121 किस्मों के उत्पाद को एनएबीएल से मान्यता प्राप्त लैब में जांच के लिए भेजा था. यहां इनकी जांच भारतीय मानकों के अनुसार की गई. जहां इनकी गुणवत्ता कम पाई गई.

खिलौने परीक्षण में हुए असफल
क्यूसीआई की रिपोर्ट के अनुसार प्लास्टिक के 30 फीसदी खिलौने परीक्षण में फेल हो गए. उसे बनाने में भारतीय मानकों का प्रयोग नहीं किया गया. सॉफ्ट खिलौनों के मामले में 45 प्रतिशत और इलेक्ट्रिक के मामले में 75 प्रतिशत खिलौने परीक्षण में असफल हो गए.

hi_INHindi
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