पानी से भरा तांबे का बर्तन न रखें जमीन पर नहीं तो नहीं मिलेगा लाभ


भारत में तांबे को शुभ धातु माना जाता है और पूजा-पाठ में इसका उपयोग किया जाता है. यह एक कीटाणुनाशक धातु है, जिस कारण बहुत से लोग इससे बने बर्तन को प्रयोग में लाते हैं.

सुबह खाली पेट तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. वैज्ञानिक शोधों में भी तांबे के स्वास्थ्य गुणों को प्रमाणित किया जा चुका है. हालांकि गलत तरीकों का इस्तेमाल कर तांबे के बर्तन में पानी पीना सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. इसलिए तांबे के बर्तन से होने वाले फायदे और नुकसान दोनों की जानकारी जरूर होनी चाहिए. आइए जानते हैं तांबे के बर्तन का इस्तेमाल किस तरह से फायदा और नुकसान पहुंचा सकता है…

पेट की सूजन होती है दूर
एसीडिटी और खाना पचाने में दिक्कत बहुत आम समस्याएं हैं. तांबे के बर्तन में रखे पानी को पीने से इनसे छुटकारा मिल सकता है. तांबे में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन मिटाते हैं. अल्सर, अपच और इंफेक्शन जैसी पेट की समस्याओं के लिए ये एक असरदार उपाय है. आयुर्वेद के अनुसार, पेट के रोग मिटाने के लिए रात भर तांबे के बर्तन में रखे पानी को सुबह खाली पेट पीना चाहिए.

बीमारियां रहती हैं दूर
तांबा पानी के साथ रासयनिक प्रतिक्रिया करता है. इस दौरान इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेंटरी और कैंसररोधी प्रॉपर्टीज उत्पन्न होते हैं. इन्हीं गुणों के कारण तांबे के बर्तन में रखा पानी कई तरह की बीमारियों को दूर रखता है.

कई बीमारियों का है उपाय
तांबे में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो बहुत प्रभावी रूप से बैक्टीरिया का सफाया कर देते हैं. तांबे वाला पानी पीलिया, हैजा आदि बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है. अगर आपको लगता है कि आपका पानी पूरी तरह से शुद्ध नहीं है तो उसे तांबे के बर्तन में रात भर रखने के बाद इस्तेमाल करें.

दर्द में है लाभकारी
एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लामेंटरी गुणों से भरपूर तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर के आंतरिक और बाहरी घावों को जल्दी भरता है. इस बर्तन में रखे पानी के सेवन से थाइरॉयड ग्रंथि के स्राव संतुलित रहता है. यह पानी अर्थराइटिस दर्द में भी बेहद लाभकारी है.

ध्यान रखने योग्य बातें
तांबे के बर्तन के इस्तेमाल के दौरान अक्सर लोग एक गलती करते हैं. इस बर्तन से होने वाले लाभ को देखते हुए कई घरों में इसका उपयोग होता है, लेकिन एक बात को हमेशा याद रखें कि इस बरतन को कभी भी जमीन पर न रखें वरना आपको इसका कोई भी लाभ नहीं मिलेगा.

कॉपर ऑक्साइड
तांबे से बने बर्तनों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस बर्तन के अंदर वाले हिस्सों में कॉपर ऑक्साइड की परत (हरे रंग की) जमने लगती है, इसलिए अंदरूनी तले को अच्छे से साफ करें. तांबे के बर्तन में पानी रखने पर जो रासायनिक क्रिया होती है उसी वजह से कॉपर ऑक्साइड की परत जम जाती है।

hi_INHindi
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