गुजरात में मकर संक्रांति पर शुरू होने जा रहा है ‘अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजी महोत्सव’


देशभर में मकर संक्रांति का पर्व अलग-अलग तरह से मनाया जाता है. इसका वैज्ञानिक महत्व भी है और इसकी धार्मिक मान्यताएं भी हैं.

वहीं, दूसरी ओर इस मौके पर पतंग उड़ाने का अलग ही उत्साह होता है. यूं तो इस दौरान देशभर में पतंगबाजी का माहौल होता है, लेकिन एक ऐसी जगह है, जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पतंगबाजी के महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इसमें दुनियाभर से लोग पतंग उड़ाने के लिए पहुंचते हैं. आइए, जानते हैं इस बारे में विस्तार से कि आखिर इसकी शुरुआत कब हुई….

काई पो चे. फिल्म जुड़ी है इस आयोजन से
अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजी महोत्सव गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में आयोजित होता है. आपको याद होगा, चेतन भगत के उपन्यास ‘थ्री मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ’ पर निर्देशक अभिषेक कपूर ने एक फिल्म बनाई थी- काई पो चे. गुजराती में फेमस इस स्लैग का इस्तेमाल पतंगबाजी के दौरान खुशी का इजहार करने के लिए तब किया जाता है, जब कोई अपने प्रतिद्वंदी की पतंग को काट देता है. काई पो चे का मतलब होता है, मैंने पतंग काट दी.

मकर संक्रांति के दिन होता है आयोजन
सात जनवरी से 14 जनवरी तक चलने वाले महोत्सव में आपको भी जरूर पहुंचना चाहिए, अगर आप भी पतंगबाजी का शौक रखते हैं या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर की पतंगबाजी देखना चाहते हैं. हर साल उत्तरायन यानी मकर संक्रांति के अवसर पर इस अंतरराष्ट्रीय पतंगबाजी महोत्सव का आयोजन किया जाता है. राज्य के पारंपरिक आयोजनों में से एक पतंग महोत्सव में दुनिया भर से लोग हिस्सा लेते हैं.

पंतगे होती है आयोजन का मुख्य आकर्षण
मकर संक्रांति से पहले शुरू हुए इस महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से आए अतिथि भी शिरकत करते हैं. इस महोत्सव में बेस्ट काइट प्रतियोगिता का आयोजन भी होता है. अलग-अलग शेप, साइज और कलर में दिखने वाली लाखों पतंगें इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण होती हैं.

कब हुआ था इस महोत्सव का आयोजन
गुजरात के अहमदाबाद शहर में साल 1989 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन किया गया था और तब से हर साल इस महोत्सव का आयोजन हो रहा है. इस बार महोत्सव का यह 30वां साल है. इस फेस्टिवल में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के पतंगबाजी में महारथ हासिल कर चुके लोग शामिल होते हैं.

किसकी तरफ से होते हैं आयोजन
अहमदाबाद स्थित साबरमती रिवर फ्रंट पर इस महोत्सव का मुख्य कार्यक्रम होता है. उत्तरायन का यह ऐसा अवसर होता है, जब सर्दियां धीरे-धीरे कम हो रही होती हैं और वसंत नजदीक होता है. ऐसे समय में पतंग महोत्सव का आयोजन लोगों के बीच खुशियां और उत्साह लेकर आता है. गुजराज पर्यटन विभाग की ओर से इस अवसर पर तरह-तरह के आयोजन होते हैं।

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