जेएनयू में हुई हिंसा का विरोध कर रहे पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने ‘केंद्र सरकार’ को कहा निरंकुश


दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार को हुई हिंसा की घटना के बाद पूरे देश में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हो रहा है.

पटना विश्वविद्यालय में भी सोमवार को छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इसमें पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ की इकाई भी साथ देती दिखी. साथ ही वामदलों के छात्र संगठन भी विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे. प्रदर्शन में एआईएसएफ, आईसा, पीडीएस, एआईएसडीओ सहित कई संगठनों के छात्र नेता शामिल हो गए. वहीं, छात्र आरजेडी, एनएसयूआई और छात्र जाप के नेता भी प्रदर्शन में शामिल हुए.

पटना के विश्वविद्यालय छात्रों ने सरकार का किया विरोध
सोमवार की सुबह प्रदर्शन की शुरुआत छोटे स्तर पर हुई, लेकिन बाद में यह विरोध बड़ा होता गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान पटना विश्वविद्यालय का गेट विरोध-प्रदर्शन के लिए स्टेज बन गया. पटना विवि छात्रसंघ के अध्यक्ष मनीष कुमार अपने साथ सैकड़ों छात्रों को लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और वहां जमकर नारेबाजी की. इसके अलावा तमाम छात्र संगठनों के नेता वहां पहुंचकर छात्रों को संबोधित करने लगे. छात्रों ने जेएनयू की घटना के विरोध में पुतले भी जलाए और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की.

सामाजिक कार्यकर्त्ताओं ने छात्रों को किया संबोधित
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि जब तक जेएनयू के आरोपियों को सजा नहीं मिल जाती है, तब तक यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. केंद्र सरकार निरंकुश हो गई है. उन्हें छात्रों पर अत्याचार करके मजा आ रहा है. हम लगातार इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करते रहेंगे. पटना विश्वविद्यालय इतिहास विभाग की अध्यक्ष डेजी नारायण ने कहा कि सरकार अब आम लोगों की आवाज को कुचल देना चाहती है. हमें एक होना होगा.

इसमें सभी प्रभावित होंगे. चाहे वह आम हो या खास हो. कल शिक्षकों के साथ भी हिंसा हुई. जाहिर है आने वाले दिनों में आम लोग भी इसके दायरे में आएंगे, इसलिए हमें मिलकर विरोध करना होगा. छात्रों के प्रदर्शन में राजधानी के कई सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए. कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने छात्रों को संबोधित किया.

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