बीजेपी ने साल 2019 में लोकसभा सीट तो जीत ली, लेकिन क्या जीत पाएंगे दिल्ली विधानसभा सीट


साल 2019 में लोकसभा के चुनाव आए तो बीजेपी ने जमकर जश्न मनाया. दिल्ली की सातों सीटों पर कमल खिला तो केन्द्र और दिल्ली बीजेपी में खुशी की लहर दौड़ गई. अब आगे ये देखना है कि क्या दिल्ली विधानसभा में भी बना पाएगी अपना स्कोर।

विधानसभा के कुछ छुपे पहलू
बीजेपी का मानना था कि लोकसभा चुनाव में एनडीए की सरकार तो बन गई, लेकिन चुनाव के इन नतीजों मे लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनावों के भी कुछ पहलू छिपे हैं.

बीजेपी की उम्मीदें
बीजेपी को उम्मीद थी कि देश की जनता ने अगर इसी तरह अपना भरोसा बीजेपी पर बरकरार रखा तो दिल्ली विधानसभा चुनाव की तस्वीर भी कमलमय होगी. मगर 2020 में चुनाव की घोषणा होने के बाद दिल्ली बीजेपी में न तो मई 2019 वाला वो उत्साह दिख रहा है और ना ही वो जोश.

दिल्ली में बीजेपी के हौसले पस्त
छह महीने में ऐसा क्या हो गया कि दिल्ली में बीजेपी के हौसले पस्त हैं. लेकिन इस सवाल के साथ एक और सवाल उठता है कि क्या अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी फिर से 67 सीटें जीतने का जलवा दिखा पाएगी.

कितनी सीटें है मायने
लोकसभा चुनाव में बीजेपी की सातों सीटों को आम आदमी पार्टी मापदंड नहीं मानती क्योंकि 2014 में भी दिल्ली में बीजेपी ने सभी लोकसभा सीटें जीती थीं लेकिन 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटें जीत ली थीं.

अरविन्द केजरीवाल ने बदला काम करने का नया तरीका
उस समय बीजेपी सिर्फ 3 सीटों पर सिमट गई थी और दस साल तक दिल्ली में राज करने वाली कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल पाई थी. दिल्ली में पांच साल तक राज करने वाली अरविंद केजरीवाल की सरकार ने धीरे-धीरे काम की रफ़्तार पकड़ी और काम करने का तरीका भी बदला. शुरुआती सालों में अरविन्द केजरीवाल काफी उग्र नज़र आते थे. वह बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर हर बात को लेकर निशाना साधते थे.

hi_INHindi
hi_INHindi
Share via
Copy link
Powered by Social Snap